मासिक कृष्णा जन्माष्टमी हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस बार ज्येष्ठ महीने की मासिक कृष्णा जन्माष्टमी का व्रत आज 20 मई को मनाया जा रहा है। ज्योतिषयों के अनुसार, श्रीकृष्ण भक्तों के लिए यह दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।
मान्यता है कि मासिक जन्माष्टमी के दिन व्रत और विधि-विधान से पूजा करने वालों की सभी इच्छाएं पूरी होती है। साथ ही साधक पर भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा बरसती है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी सदैव बनी रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली मासिक कृष्ण जन्माष्टमी तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में-
मई में कब मनाई जाएगी मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 20 मई को शाम 5 बजकर 51 मिनट पर होगी और तिथि के समापन अगले दिन 21 मई को शाम 4 बजकर 55 मिनट पर होगी। ऐसे में जेष्ठ माह में मासिक जन्माष्टमी का व्रत 20 मई को किया जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
आपको बता दें, जेष्ठ मासिक जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपल की पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त रात्रि 11 बजकर 57 मिनट से लेकर 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भक्तों को पूजा के लिए कुल 41 मिनट का ही समय मिलेगा।
मासिक जन्माष्टमी पर कान्हा को करें प्रसन्न
ज्योतिषयों के अनुसार, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की पूजा करें और श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ अवश्य करें। कृष्ण चालीसा का पाठ करना भक्तों के लिए कल्याणकारी माना गया है। साथ ही जीवन के दुख समाप्त हो जाते है।
मासिक जन्माष्टमी को भगवान श्री कृष्ण को मोरपंख चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे घर में सुख शांति का वास होता है। इससे नकारात्मकता बाहर जाती है और घर मे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए इस दिन माखन मिश्री का भोग लगाएं और फिर इसे छोटे-छोटे बच्चों में बांट दें। इससे धन में बढ़ोत्तरी होती है, संतान सुख की कामना पूरी होती है।
क्या है मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महत्व
सनातन धर्म में मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन को भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। कहते है इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इसके अलावा, मान्यता है कि इस दिन कान्हा की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है।