क्या है हरतालिका तीज सरगी का समय (सौ.सोशल मीडिया)  
धर्म

हरतालिका तीज पर क्या रहेगा सरगी का शुभ मुहूर्त? जानिए महत्व और पूजन विधि

Teej Sargi Time: हरतालिका तीज व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है और निर्जला रखा जाता है। कल सरगी का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 27 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 12 मिनट तक रहने वाला है।

सीमा कुमारी

Hartalika Teej Sargi Time: सुहागिन महिलाओं के द्वारा रखा जाने वाला हरतालिका तीज का व्रत इस वर्ष 26 अगस्त, मंगलवार को मनाया जा रहा है। यह व्रत पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है, जो पति-पत्नी के बीच प्रेम को बढ़ाता है। अविवाहित कन्याएं भी योग्य वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं।

जैसा कि आप जानते है कि इसे कठिनतम व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि इस दिन निर्जला उपवास रखा जाता है। हरतालिका तीज व्रत की शुरुआत से पहले सरगी करने का विधान है। वहीं इस व्रत का समापन पारण के साथ किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल हरतालिका तीज व्रत के लिए सारगी का शुभ समय क्या रहने वाला है और इस दौरान किन चीजों का सेवन करना चाहिए।

क्या है हरतालिका तीज सरगी का समय और शुभ मुहूर्त

ज्योतिषयों के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत में सरगी के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सबसे शुभ माना जाता है। आप भोर में सूर्योदय से पहले सरगी कर सकती हैं। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:27 बजे से 5:12 बजे तक रहने वाला है। इस दौरान आप सरगी ग्रहण कर सकती हैं। इसके असला हरतालिका तीज व्रत का पारण चतुर्थी तिथि पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है।

जानिए सरगी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

  • तीज और करवा चौथ जैसे उपवासों में सरगी का बड़ा महत्व माना जाता है।
  • सरगी के साथ ही व्रत का आरंभ होता है, जिसमें मिष्ठान चीजें से लेकर फल आदि खा सकते है। इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है, जिसके बाद व्रत शुरू होता है।
  • सरगी में नमक युक्त भोजन से बचना चाहिए।
  • सरगी में आप ताजे मौसमी फल, जूस, नारियल पानी मेवे, मिठाई, खीर आदि ले सकती हैं।
  • सरगी करने से पहले महिलाओं को स्नान आदि करके भगवान के समक्ष हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए।

जानिए हरतालिका तीज व्रत की महिमा

हरतालिका तीज पर महिलाएं मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर उन्हें पूजती हैं। यही नहीं पति की लंबी उम्र, तरक्की, सेहत, संतान प्राप्ति के लिए निर्जला व्रत भी रखती है, जिसका पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है।

ये भी पढ़ें-

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह दिन शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक है, इसलिए उनकी उपासना रिश्तों में समझ, विश्वास और प्रेम का संचार होता है। इसलिए सनातन धर्म में इस व्रत का महत्व है।

BRICS Summit 2026 LIVE: मेहमान देशों को संबोधित कर रहें PM नरेंद्र मोदी; ब्रिक्स नेताओं के साथ ली फैमिली फोटो

अमेरिकी खुफिया एजेंसी की फाइल में नया खुलासा, 9/11 से पहले लादेन के टारगेट पर था भारत

BRICS Summit 2026: फैमिली फोटो के बाद PM नरेंद्र मोदी का बड़ा संदेश, रोजगार से लेकर आपदा प्रबंधन पर की बात

Tamil Nadu: CM विजय का बड़ा आदेश, सरकारी कर्मचारियों को 31 अक्टूबर तक देना होगा संपत्ति और कर्ज का पूरा हिसाब

मेंटल हेल्थ के लिए ट्रेनिंग हब बनेगा बेंगलुरु स्थित NIMHANS, ब्रिक्स बैठक में बनी सहमति