क्यों जलाए जाते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर 365 दीपक (सौ.सोशल मीडिया) 
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कार्तिक पूर्णिमा के दिन 365 दीए जलाने के पीछे क्या राज है, जानिए इसकी अपार महिमा

Kartik Purnima 2025:कार्तिक पूर्णिमा के दिन 365 बाती का दीपक जलाना साल भर की पूजा का फल एक साथ पाने का प्रतीक है। यह दीपदान घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।

सीमा कुमारी

365 Batti Ka Diya Kaise jalaye: कार्तिक पूर्णिमा को सनातन धर्म में बहुत ही पवित्र एवं पावन दिन माना गया हैं। यह शुभ एवं पावन तिथि भगवान विष्णु, भगवान शिव और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित हैं। हिंदू सनातन परंपरा में हर महीने की पूर्णिमा तिथि को अत्यंत शुभ और पूजनीय माना गया है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु और चंद्र देवता की विशेष आराधना करने का विधान है।

पूर्णिमा का दिन वैसे तो हर महीने शुभ फल देने वाला होता है, लेकिन जब यह तिथि श्रीहरि विष्णु को समर्पित पवित्र कार्तिक मास में आती है, तब इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक ग्रंथों में तो यहां तक ये भी कहा गया है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में एक डुबकी लगाने से सौ अश्वमेध यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है।

कार्तिक महीने में गंगा स्नान और दीप दान का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन अगर कोई इस महीने में किसी कारण ये कार्य नहीं कर पाए तो उसे कार्तिक पूर्णिमा के दिन 365 बाती का दीपक जरूर जलाना चाहिए। ऐसे में आइए जानते है कार्तिक पूर्णिमा के दिन 365 बाती का दीपक क्यों जलाना चाहिए ।

क्यों जलाए जाते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर 365 दीपक

कहा जाता है कि अगर कार्तिक पूर्णिमा की रात 365 दीपक जलाए जाएं, तो पूरे साल जीवन में रोशनी, सुख और समृद्धि बनी रहती है। ये 365 दीपक साल के 365 दिनों का प्रतीक होते है। बता दें, हर दीपक जलाने के साथ ऐसा माना जाता है कि आप अपने जीवन से अंधकार, दुख और नकारात्मकता को दूर कर रहे हैं। यह सिर्फ पूजा का काम नहीं, बल्कि आत्मा को शांति देने और मन को सकारात्मक बनाने का तरीका भी है।

जानिए दीपदान की विधि और सही तरीका

इस दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा करें। उसके बाद 365 दीपक जलाएं।

दीपक आप घर के मंदिर, तुलसी के पौधे के पास, दरवाजे, छत, आंगन या नदी किनारे रख सकते हैं। हर दीपक में शुद्ध घी या तिल का तेल होना चाहिए।

दीप जलाते समय “ॐ नमो नारायणाय” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।

दीपदान से पहले भगवान विष्णु और लक्ष्मीजी से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।

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दीपदान करने से मिलते है ये लाभ

कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा की रात दीपदान करने से जीवन में सुख-शांति आती है। घर से नकारात्मकता दूर होती है, धन की स्थिति मजबूत होती है और परिवार में प्रेम बढ़ता है। यह दीपदान हमारे पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए भी बहुत उपयोगी माना गया है।

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