Vrishabh Sankranti Me Kya Na Kare: आज 15 मई को वृषभ संक्रांति मनाई जा रही है। इस दिन सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य के इस गोचर को ही वृषभ संक्रांति कहा जाता है। धर्म शास्त्रों में संक्रांति का बड़ा महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए पुण्य कर्मों से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
धर्म शास्त्रों में संक्रांति का बड़ा महत्व बताया गया है। यह दिन सूर्य उपासना, पवित्र स्नान, दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ग्रह को माना गया है, जो भौतिक सुख, वैभव और ऐश्वर्य के कारक हैं। ऐसे में वृषभ संक्रांति के दिन किए गए शुभ कार्य, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फलदायी माने जाते हैं।
वहीं, कुछ ऐसे कार्य भी बताए गए हैं जिन्हें इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे शुभ फलों में कमी आ सकती है।
वृषभ संक्रांति के दिन झूठ बोलने, तामसिक भोजन करने, अनावश्यक विवाद करने और देर तक सोने जैसी गलतियों से बचना चाहिए।
इस पावन दिन पर सूर्योदय से पहले उठने का प्रयास करें और देर तक सोने से परहेज करें, क्योंकि इससे ऊर्जा में कमी आ सकती है।
वृषभ संक्रांति के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है, इसलिए जरूरतमंदों को दान देना न भूलें।
वृषभ संक्रांति पर पवित्र नदियों (गंगा) में स्नान जरूर करें। अगर ऐसा करना संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।
इस दिन पर सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जप करें।
इस दिन पर आपको अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र का दान और गायों की सेवा करना चाहिए, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
संक्रांति के समय में प्यासों को पानी पिलाना या फिर प्याऊ लगवाना भी बहुत ही फलदायी माना जाता है।