Tulsi Dry Leaves Astrology Remedy: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय माना गया है। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, तुलसी की रोजाना जल और पूजा-अर्चना करने से साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।
शास्त्रों के अनुसार, तुलसी पौधे में धन की देवी मां लक्ष्मी का वास माना गया है। इसलिए तुलसी के सूखे पत्तों का विशेष सम्मान किया जाता है। इन पत्तों को कूड़े में नहीं फेंकना चाहिए, तो ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि तुलसी के सूखे पत्तों का क्या करना चाहिए?
अगर आपकी तुलसी के पत्ते सूख गए हैं, तो उन्हें भूलकर भी न फेकें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का अपमान होता है और देवी नाराज हो सकती हैं। इसलिए सूखे पत्तों को तुलसी के गमले की मिट्टी में या किसी अन्य साफ पौधे में दबा दें।
इसके अलावा तुलसी के सूखे पत्ते को पवित्र नदी में विसर्जित कर दें। तुलसी के पत्ते सूखने के बाद उनको चाय या काढ़े में उबालकर पी सकते हैं।
अगर आप घर में बरकत चाहते हैं, तो तुलसी के सूखे पत्ते को लाल या पीले कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें। ऐसा माना जाता है कि तिजोरी में तुलसी के पत्तों को रखने से तिजोरी में सकारात्मकता बनी रहती है। इससे जीवन में कभी धन की कमी सामना करना नहीं पड़ता।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पौधे को उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिशा में तुलसी लगाने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। साथ ही सुख-शांति बनी रहती है। दक्षिण दिशा में भूलकर भी तुलसी नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि यह दिशा यम की मानी जाती है।
तुलसी के पास आस-पास सफाई का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि मां लक्ष्मी का वास साफ-सफाई वाली जगह पर ही होता है।
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तुलसी के पास भूलकर भी कूड़ादान, झाड़ू या जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए।
इसे अलावा तुलसी के पास कांटेदार पौधे भी लगाने से बचना चाहिए।
रविवार और एकादशी के दिन तुलसी में तुलसी अर्पित नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की गलती को करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं।इसके अलावा, तुलसी के पत्ते रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रांति, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण रात में नहीं तोड़ना चाहिए।