हनुमान जी (सौ.सोशल मीडिया)
Tuesday Fast Religious Significance : हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान राम भक्त और शिव जी के रुद्रावतार हनुमान जी को समर्पित बताया गया है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, मंगलवार के दिन ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। यही कारण है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा और व्रत रखने का विधान है। मंगलवार के दिन देश भर के हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है।
सारे संकट दूर होते है
मंगलवार के दिन भक्त हनुमान जी की पूजा, व्रत और चोला चढ़ाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं। लेकिन व्रत का पूरा फल पाने के लिए नियमों और सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी है।
कैसे करें राम भक्त हनुमान जी की पूजा
- मंगलवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और लाल वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- इसके बाद घी का दीपक जलाकर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और पान के 11 या 21 पत्तों की माला अर्पित करें।
- भोग में बेसन के लड्डू या बूंदी चढ़ाएं।
- अंत में ‘राम’ नाम का जप करते हुए हनुमान जी की पूजा करें, व्रत कथा का पाठ करें और आरती के साथ पूजा संपन्न करें।
किन बातों का रखें ध्यान ?
मंगलवार व्रत के दौरान साधारण नमक का सेवन न करें। इसके अलावा प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का विचार भी मन में न आने दे। शारीरिक व मानसिक पवित्रता बनी रहे, इसलिए इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
पूरे दिन निराहार व्रत रहें. शाम की पूजा के बाद गेहूं और गुड़ से बना भोजन करें। उसमें नमक का प्रयोग नहीं करे।
Tuesday Fast Benefits मंगलवार व्रत के प्रमुख फायदे:
- हनुमान जी की कृपा: मंगलवार को व्रत करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को संकटों से बचाते हैं, इसलिए उन्हें संकटमोचन भी कहा जाता है।
- मंगल दोष से मुक्ति: कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर या अशुभ होने पर यह व्रत अवश्य रखना चाहिए। यह मंगल की समस्याओं को दूर कर जीवन में स्थिरता लाता है।
- आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि: यह व्रत मानसिक शक्ति बढ़ाता है, क्रोध शांत करता है और गलत कार्यों से बचाता है।
- विवाह और दांपत्य जीवन में सुख: मंगल दोष के कारण अगर विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन में समस्या हो, तो यह व्रत बहुत लाभप्रद माना जाता है।
- शत्रु और भय से मुक्ति: यह व्रत नकारात्मक ऊर्जा, भूत-प्रेत और शत्रुओं से मुक्ति दिलाता है।
- आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ: आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए भी यह व्रत किया जाता है। साथ ही, यह पेट और रक्त से संबंधित रोगों में राहत दिलाने में सहायक माना जाता है।