भगवान श्रीकृष्ण व अर्जुन (सौ.सोशल मीडिया)  
धर्म

आज है गीता जयंती, जानिए इस दिन क्या करने से अकाल मृत्यु दोष से मिल जाएगी मुक्ति

गीता जयंती के दिन श्रीमद्भागवत गीता का संपूर्ण पाठ करने से लाखों अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल की प्राप्ति होती हैं। इसलिए इस दिन का महत्व सनातन धर्म में बड़ा महत्व है।

सीमा कुमारी

Geeta Jayanti 2024: आज गीता जयंती का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाता है। इसी दिन मोक्षदा एकादशी भी मनाई जाती है।

इस साल गीता जयंती 11 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी। यह सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसी दिन महाभारत के युद्ध के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवत गीता का उपदेश दिया था। गीता में जीवन के दर्शन, कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग का विस्तृत वर्णन है।

यह ग्रंथ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन प्रदान करता है। गीता जयंती के दिन लोग गीता का पाठ करते हैं, भजन गाते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं।

इस पर्व का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह हमें जीवन की समस्याओं का समाधान बताता है और आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है। आज गीता जयंती के अवसर पर आइए जानते है गीता पाठ करने के धार्मिक एवं आध्यात्मिक फायदे के बारे में-

गीता पाठ करने से होते हैं ये लाभ

ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, जो भी भक्त अपने घर में गीता का नियमित रूप से पाठ करता है, उसके तथा उसके परिवार के सभी सदस्यों की जन्मकुंडली के सारे ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं।

कहते हैं, जिस भी स्थान पर श्रीमद्भागवत गीता का पाठ होता है, वहां के सभी वास्तु-दोष एवं अन्य सभी दोष स्वत: ही समाप्त हो जाते हैं।

इसके पाठ से शत्रु भी परास्त होने लगते हैं। यदि कोई तंत्र-मंत्र का प्रयोग किया गया हो तो वह भी गीता पाठ से पलट जाता है और भक्तों को सुरक्षा प्राप्त होती है।

भगवान श्रीकृष्ण तथा श्रीहरि को प्रसन्न करने के लिए गीता के पाठ से बढ़कर अन्य कोई उपाय नहीं है। गीता के किसी भी एक पाठ का नियमित रूप से पाठ करने पर भगवान विष्णु के साक्षात दर्शन होते हैं।

गीता का पाठ करने से भूत, प्रेत, पिशाच, चुड़ैल, जिन्न जैसी समस्त नकारात्मक शक्तियां व ऊपरी बाधाएं व्यक्ति से दूर भागती हैं।

जो भी भक्त गीता का नियमित रूप से पाठ करते हैं, उनके जीवन में कभी कोई समस्या नहीं आती वरन उनके सभी बिगड़े काम अपने आप ही बनते चले जाते हैं।

यदि गीता के पाठ के साथ-साथ गीता के श्लोकों से हवन करवाया जाए तो उस घर में होने वाली अकाल मृत्यु का दोष भी खत्म होता है। इसके अलावा असाध्य बीमारियां भी इससे दूर होती हैं।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए भी गीता का पाठ लाभदायक होता है, क्योंकि यह घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मानसिक परेशानी, गृह क्लेश और शत्रुओं से मुक्ति के लिए भी गीता का पाठ एक अचूक उपाय है।

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