स्वामी विवेकानंद (फोटो.सोशल मीडिया)
Swami Vivekanand Inspirational Thoughts: स्वामी विवेकानंद भारत के एक महान आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उनका असली नाम नरेंद्र नाथ दत्त था, उन्होंने वेदांत और योग के दर्शन को दुनिया भर में फैलाया।
वर्ष 1893 के शिकागो विश्व धर्म संसद में विवेकानंद जी ने अपने ऐतिहासिक भाषण से वैश्विक प्रसिद्धि पाई। उन्होंने रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर लोगों को जोड़ा। स्वामी विवेकानंद के विचार और सोच युवाओं को सही मार्ग दिखाती हैं।
आज जब युवा तकनीक से घिरा है, लेकिन दिशा को लेकर असमंजस में है, तब विवेकानंद के शब्द सहारा बनकर उभरते हैं। उनके विचार कमजोर मन को स्वीकार नहीं करते। वे कहते हैं, डरो मत, खुद पर विश्वास रखो और कर्म को पूजा बनाओ।
आइए जानते हैं विवेकानंद के विचारों को हर व्यक्ति के लिए प्रेरणदायी है-
- जो कुछ भी तुम्हें कमजोर बनाता है- शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक, उसे जहर की तरह त्याग दो।
- खुद को आप जैसा मानेंगे, वैसे ही बन जाएंगे। अगर खुद निर्बल मानेंगे तो निर्बल और सबल मानोगे, तो सबल।
- जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
- यह कभी मत कहो कि मैं नहीं कर सकता, क्योंकि आप अनंत हैं।
- एक समय में एक काम करो, ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो
और बाकि सब कुछ भूल जाओ।
- जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
- संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आपको ऊंचाई से गिरा भी सकती है,
इसलिए संगति हमेशा अच्छे लोगों से करें।
जब खुद पर विश्वास डगमगाने लगे, तब स्वामी विवेकानंद के विचार आपको विश्वास दिलाने का काम करते हैं। जीवन के प्रति एक पॉजिटिव अप्रोज लाने में स्वामी जी की वाणी मदद करती है।
- जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएं अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग चाहे वह अच्छा हो या बुरा, भगवान तक जाता है।
- किसी की निंदा न करें। अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो जरूर बढ़ाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते हैं, तो अपने हाथ जोड़िए, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिए और उन्हें उनके मार्ग पर जाने दीजिए।
- सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।
- शक्ति जीवन है तो निर्बलता मृत्यु हैं। विस्तार जीवन है और संकुचन मृत्यु हैं। प्रेम जीवन है तो द्वेष मृत्यु हैं।
- एक विचार लो। उस विचार को अपना जीवन बना लो- उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार को जियो। अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो। यही सफल होने का तरीका हैं।
- संसार में दुःख का मुख्य कारण भय है, यही सब से बड़ा भ्रम है, यह भय हमारे दुःखों का कारण है और यह निर्भीकता है जिससे क्षण भर में स्वर्ग प्राप्त होता है।
- जमीन अच्छी है, खाद अच्छा है, परंतु पानी अगर खारा है, तो फूल नहीं खिलते हैं। भाव अच्छे हैं, कर्म भी अच्छे हैं, मगर वाणी खराब है, तो संबंध कभी टिकते नहीं हैं।
- जिस प्रकार केवल एक ही बीज पूरे जंगल को पुनर्जीवित करने के लिए पर्याप्त है, उसी प्रकार एक ही मनुष्य विश्व में बदलाव लाने के लिए पर्याप्त है। वो मनुष्य आप हो सकते हैं।