Surya Grahan Hariyali Amavasya : आज सावन महीने की अमावस्या के साथ साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार,यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए कोई सूतक काल नहीं लगेगा। ज्योतिषयों के अनुसार, सूर्य ग्रहण पर अमावस्या पर विशेष संयोग इस दिन का महत्व और बढ़ा देता हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, हरियाली अमावस्या पर पुनर्वसु नक्षत्र और सिद्ध योग का विशेष संयोग प्रभावी रहेगा। मान्यता है कि, इस दिन पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि मिलती है, साथ ही पितरों को तर्पण करने से घर में सकारात्मकता आती है।
ज्योतिषयों के मुताबिक, हरियाली अमावस्या पर पितरों को तर्पण करने के अलावा, शिवलिंग पूजा का भी बड़ा महत्व होता है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं और महादेव के शक्तिशाली महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी करें। शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करने से से राहु का अशुभ प्रभाव कम होता है। साथ ही मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों से राहत मिलने की मान्यता है।
हरियाली अमावस्या पर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के साथ पंचामृत से अभिषेक करना भी बड़ा शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति आती है और मन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है। साथ ही जीवन में सुख-शांति भी बनी रहती है।
हरियाली अमावस्या के दिन आप बहते हुए जल में नारियल प्रवाहित करना भी शुभ माना जाता है। इससे राहु का असर कम होने लगता है। साथ ही जीवन में चल रही परेशानियों से भी मुक्ति मिलती हैं।
हरियाली अमावस्या के दिन सरसों के तेल का दीपक भी जलाना शुभ होता हैं। आप घर के सभी कोनों में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सरसों के तेल का दान भी करें। इससे कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। खास