Somvati Amavasya Par Shiv Puja Benefits: 15 जून को अधिकमास की अमावस्या मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में अमावस्या को बहुत शुभ एवं पावन तिथि बताया गया है। खासतौर पर,अधिकमास में पड़ने वाली अमावस्या बहुत विशेष मानी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मास में पड़ने वाली अमावस्या तीन साल में एक बार आती है। अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित की गई है। मान्यता है कि इस तिथि पर पितृ धरती पर आते है।
धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की पूजा करने से साधक को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख एवं संकट दूर हो जाते हैं। अगर आप भी पितृ दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो सोमवती अमावस्या के दिन इन चीजों से भगवान शिव का अभिषेक करें।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, अगरआप पितृ दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो सोमवती अमावस्या पर स्नान-ध्यान के बाद जल में काले तिल और सफेद फूल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से पितृ दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है। साथ ही पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
पितरों को मोक्ष दिलाने हेतु सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-ध्यान के बाद गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करें। इस समय शिव गायत्री मंत्र का जप करें। इस उपाय को करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
अगर आप पितरों की आत्मा को मोक्ष दिलाना चाहते हैं, तो सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-ध्यान के बाद तिलांजलि अवश्य करें।
इसके लिए पितरों को जल का अर्घ्य देने के बाद बहती जलधारा में तिल और जौ को प्रवाहित करें। इस दिन जरूरतमंदों को दान अवश्य करें। दान में अन्न, जल, वस्त्र और धन का दान करें। इस उपाय को करने से भी पितरों की कृपा साधक पर बरसती है।