Skanda Sashti Bhog For Removing Obstacles: आज स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जा रहा है। ये व्रत हर माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन रखा जाता है। स्कंद षष्ठी का व्रत भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय जी को समर्पित किया गया है, जिनको देवताओं का सेनापति कहा जाता है।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं, शत्रुओं पर विजय मिलती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है। स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को पूजा के समय विशेष भोग लगाने से उनका आशीर्वाद मिलता है, तो आइए जानते हैं भगवान कार्तिकेय को अर्पित किए जाने वाले भोगों के बारे में-
आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए इस दिन भगवान कार्तिकेय जी को प्रसन्न करना बहुत जरूरी है। आप उन्हें शुद्ध 'श्रीखंड' का भोग लगा सकते हैं, जो उन्हें बेहद प्रिय है और सुख-शांति लाता है।
भगवान कार्तिकेय जी को प्रसन्न करने के लिए पंचमेवा का भोग लगा सकते है। बताया जाता है कि, पंचमेवा में मखाना, काजू, किशमिश, बादाम और खजूर का भोग लगाने से घर में बरकत आती है। अगर आप केसर वाले लड्डू अर्पित करते हैं, तो यह मान लिया जाता है कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धन के नए स्रोत खुलने लगते हैं।
भगवान कार्तिकेय जी को प्रसन्न करने के लिए पंचमेवा के अलावा,फल जैसे सेब, केला, अंगूर, संतरा आदि भगवान कार्तिकेय को बहुत पसंद हैं। इन फलों का भोग भी भगवान को लगाएं।
दूध और दूध से बनी मिठाई जैसे रबड़ी, खीर आदि का भी भोग भगवान कार्तिकेय को लगाएं।
स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को विशेष भोग लगाने से उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली कठिनाइयां दूर हो जाती हैं। स्कंद षष्ठी के दिन विधि-विधान से पूजा करने से मन शांत होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. इस दिन भगवान कार्तिकेय के मंत्रों का जाप भी करना चाहिए।