शिवलिंग या भगवान शिव (सौ.AI) 
धर्म

Shiv Worship: महादेव शिव को सफेद चंदन ही क्यों लगाया जाता है, लाल क्यों नहीं? ज़रूर जानिए इसका रहस्य

Shiv Worship Secrets: भगवान शिव की पूजा में सफेद चंदन अर्पित करने की परंपरा सदियों पुरानी है। जानिए शिव पूजा में सफेद चंदन लगाने के पीछे छिपा धार्मिक और आध्यात्मिक रहस्य।

सीमा कुमारी

Mahadev Ko Safed Chandan Kyun Lagate Hain: शिव भक्तों का लंबा इंतजार अब कुछ दिनों में खत्म होने वाला हैं। इस साल सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026, दिन गुरुवार से हो रही हैं। शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और चंदन आदि चढ़ाते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि शिवलिंग या भगवान शिव को सफेद चंदन का तिलक भी लगाया जाता हैं।

लेकिन क्या आप जानते है कि, शिव जी को लाल या पीले चंदन की बजाय सफेद चंदन ही क्यों अर्पित किया जाता है? आइए जानते हैं धर्म शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं में इसका क्या महत्व बताया गया है ?

आख़िर भगवान शिव को क्यों प्रिय सफेद चंदन ?

धर्म ग्रथों में भगवान शिव का स्वभाव अत्यंत शांत, सरल और तपस्वी बताया गया हैं। सफेद रंग शांति, पवित्रता, सादगी और सात्विकता का प्रतीक हैं। इसलिए शिव जी को सफेद चंदन अर्पित करना शुभ माना जाता हैं। मान्यता है कि इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।

शिवलिंग पर सफेद चंदन लगाने का क्या है महत्व?

धर्म ग्रंथों के अनुसार, शिवलिंग पर सफेद चंदन लगाने का मुख्य महत्व शीतलता, पवित्रता और भोलेनाथ को प्रसन्न करना है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव का स्वभाव तपस्वी और उग्र दोनों है, इसलिए उन्हें शांत रखने और शीतलता प्रदान करने के लिए सफेद चंदन का लेप या त्रिपुंड लगाया जाता हैं।

क्या लाल चंदन नहीं चढ़ाया जा सकता?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा में सफेद चंदन को अधिक शुभ माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पूजा की विधि अलग हो सकती है। यदि किसी स्थान की परंपरा या योग्य आचार्य की सलाह के अनुसार अन्य प्रकार का चंदन प्रयोग किया जाता है, तो उसका सम्मान करना चाहिए।

शिव पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • शिवलिंग पर साफ और शुद्ध सफेद चंदन अर्पित करें ।
  • पूजा पूरे श्रद्धा भाव से करें.
  • बेलपत्र, जल और चंदन अर्पित करते समय मंत्रों का जाप करें।
  • पूजा में दिखावे से अधिक भक्ति पर ध्यान दें।
  • मंदिर की परंपराओं का सम्मान करें। धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बाहरी आडंबर से अधिक सच्ची श्रद्धा और निष्कपट भक्ति का महत्व है। सफेद चंदन अर्पित करना शिव पूजा की एक प्राचीन परंपरा है, जो शीतलता, पवित्रता और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक मानी जाती है।

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