सूर्यपुत्र शनिदेव (Source. Pinterest) 
धर्म

Shani Jayanti: शनि जयंती के दिन पर भूल से भी न खाएं ये चीजें, वरना भोगना पड़ेगा भयंकर कष्ट!

Shani Jayanti Vrat Rules: शनि जयंती के दिन खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन कुछ चीजों का सेवन करने से शनि देव नाराज हो सकते है।

सीमा कुमारी

Shani Jayanti Food Restrictions: सूर्यपुत्र शनिदेव के जन्मोत्सव के रूप में शनि जयंती का पर्व हर साल ज्येष्ठ माह महीने में मनाया जाता है। इस वर्ष शनि जयंती का पर्व 16 मई को मनाया जा रहा है। हिन्दू धर्म ग्रथों में शनि जयंती का विशेष महत्व बताया गया है।

न्याय और कर्मफल दाता शनिदेव को समर्पित यह दिन उनकी कृपा पाने सबसे शुभ अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव व्यक्ति कर्मों के आधार पर फल देते हैं।

शनि जयंती का महत्व

न्याय और कर्मफल दाता शनिदेव को समर्पित शनि जयंती का पर्व हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व रखता हैं। ज्योतिषयों के अनुसार, शनि जयंती के दिन व्रत, दान और पूजा-अर्चना के साथ-साथ खान-पान का भी विशेष ख्याल रखना जरूरी है। कुछ ऐसी चीजें हैं जिनका सेवन इस दिन गलती से भी नहीं करना चाहिए। अगर आप इन नियमों की अनदेखी करते हैं, तो शनिदेव रुष्ट हो सकते हैं।

शनि जयंती पर क्या नही खाना चाहिए?

  • तामसिक भोजन का सेवन

धर्म शास्त्रों में शनिदेव को अनुशासन और सात्विकता का प्रतीक बताया गया हैं। शनि जयंती के पवित्र अवसर पर तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि, ऐसा करने से कुंडली में शनि दोष बढ़ता है और व्यक्ति के जीवन से आर्थिक व मानसिक परेशानियां दूर नहीं होती हैं।

  • दूध और सफेद चीजें का सेवन

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिदेव को सफेद रंग की चीजें प्रिय नहीं हैं। इस दिन दूध, दही या सफेद मिठाई का सेवन करने से बचना चाहिए। अगर दूध पीना जरूरी हो, तो उसमें थोड़ी सी हल्दी या केसर मिलाकर पिएं।

  • लाल मिर्च और तीखे मसाले का सेवन

इसके अलावा,शनिदेव को तीखा और लाल रंग भी नापसंद है। साथ ही इसे तामसिक भी माना जाता है। ऐसे में इस दिन भोजन में लाल मिर्च का प्रयोग करने के बजाय काली मिर्च या हरी मिर्च का सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।

  • मसूर की दाल का सेवन

धर्म शास्त्रों में शनि जयंती के दिन मसूर की दाल का सेवन वर्जित माना गया है। मसूर की दाल का संबंध मंगल ग्रह से होता है, और मंगल व शनि के बीच शत्रुता का भाव माना जाता है। इस दिन इसका सेवन करने से जीवन में कलह और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए इस दिन मसूर की दाल खाने के लिए मना किया जाता है।

  • कच्चा नमक का सेवन

धर्म शास्त्रों में शनि जयंती के दिन मसूर की दाल तरह कच्चा नमक यानी भोजन के ऊपर से नमक डालकर खाने को मना बताया गया है। बताया जाता है कि, कच्चा नमक केवल सेहत के लिए हानिकारक है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस दिन इसे अशुभ माना जाता है।

शनि जयंती पर क्या खाना होता है शुभ?

धर्म शास्त्रों में शनि जयंती पर जयंती पर काले तिल, उड़द की दाल, खिचड़ी और सरसों के तेल से बनी चीजों का सेवन और दान करना बहुत शुभ बताया गया है। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और साढ़ेसाती व ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

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