Sawan Somwar 2026: सावन का महीना हिंदू पंचांग का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। श्रावण मास पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित होता है। सावन में सोमवार का व्रत रखना सबसे बड़ा अनुष्ठान है। कई कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए सोलह सोमवार के व्रत शुरू करती हैं।
30 जुलाई से शुरु होकर 28 अगस्त को समाप्त होने वाले श्रावण माह में सोमवार का व्रत विशेष माना जाता है। सावन का महीना भगवान शिव के सम्मान में उपवास और प्रार्थना करने के लिए समर्पित होते हैं।
हरियाली तीज सावन के पहले पखवाड़े में पड़ती है। वैवाहिक सुख और पतियों की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। झूले, हरे वस्त्र, चूड़ियां और मेहंदी इस त्योहार के प्रमुख श्रृंगार हैं।
सावन माह के शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन। इस दिन नागों की पूजा की जाती है, जो सुरक्षा और उर्वरता का प्रतीक हैं।
रक्षा बंधन सावन की पूर्णिमा के आखिरी दिन मनाया जाता है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं।
वैसे तो हर माह पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा की पूजा करने का अपना महत्व है, लेकिन सावन महीने की पूर्णिमा को चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करना उत्तम फलदायी होता है। क्योंकि सावन माह शिवजी का प्रिय माह है और भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने सिर पर सुशोभित किया है। साथ ही सावन पूर्णिमा के दिन शिव पूजन, श्रीहरि पूजा, श्रावणी उपकर्म, रक्षाबंधन, स्नान-दान, सत्यनारायण पूजा जैसे धार्मिक कार्य भी होते हैं, जिससे इस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। पूर्णिमा तिथि पर मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इससे सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है।