Sawan Festival 2026: सावन के पहले दिन देशभर में भगवान शिव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, बाबा बैद्यनाथ धाम, केदारनाथ सहित सभी मंदिरों से लेकर ज्योतिर्लिंग में तड़के सुबह से ही भक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए जुटने लगे। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए।
सावन के अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। भक्त गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते नजर आए। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठे।
देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रसिद्ध भस्म आरती के दर्शन के लिए हजारों भक्त पहुंचे। वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम, मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर, झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम, उत्तराखंड के केदारनाथ सहित कई प्रमुख शिवधामों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लग रहीं है।
सावन के साथ कांवड़ यात्रा भी पूरे उत्साह से शुरु हो गया है। हरिद्वार में लाखों कांवड़िए गंगाजल लेने पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों में ट्रैफिक डायवर्जन, अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई मंदिरों में बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश और निकास मार्ग, सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल टीम और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन ने भक्तों से धैर्य बनाए रखने और निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील भी की।
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। विशेष रूप से सोमवार के दिन व्रत रखने, जलाभिषेक करने और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने का विशेष फलदायी बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक शिव पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।