Weekly Planet Transit 14 to 20 June 2026: जून महीने का ये सप्ताह 14 से 20 जून 2026 ज्योतिषीय और व्यापारिक दृष्टि से बेहद हलचल भरा रहने वाला है। इस हफ्ते कई बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन हो रहा है, जिसका सीधा असर देश-दुनिया के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट पर भी दिखेगा।
इस अवधि में सूर्य और मंगल देव अपना स्थान बदलेंगे। खगोलीय गणना के अनुसार, सूर्य देव वर्तमान में वृषभ राशि में हैं, जो दिनांक 15 जून को रात 08 बजकर 01 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
वहीं, मेष राशि में चल रहे मंगल देव दिनांक 20 जून को रात 10 बजकर 48 मिनट पर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इसके अलावा बुध मिथुन में, गुरु और शुक्र कर्क में, शनि मीन में, राहु कुम्भ में और केतु सिंह राशि में रहेंगे। चंद्रमा इस दौरान वृषभ, मिथुन, कर्क और सिंह राशि में संचरण करेंगे।
दिनांक 15 जून को होने वाली सूर्य की मिथुन संक्रांति के प्रभाव से बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिलेगी। इस दौरान रुई, सूत, कपास, पाट, बारदाना, रेशम, सरसों, लोहा, तिल, तेल, कन्दमूल, फल, गुड़, खांड, देशी शक्कर, चीनी, घी, उड़द, मूंग, चावल, गेहूं, चना, अरहर और मटर के दामों में उछाल आएगा। सोना और चांदी में भी साधारण तेजी का रुख बना रहेगा।
इसके बाद, दिनांक 20 जून को जब मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश होगा, तब उन पर शनि देव की सीधी दृष्टि पड़ेगी। इस विशेष ग्रहयोग के कारण लाल वस्तुएं, लाल चंदन, जूट, अनाज, कपूर, केसर, तांबा और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में भारी तेजी आएगी, जिससे व्यापारियों को बड़ा लाभ मिल सकता है।
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धार्मिक दृष्टिकोण से यह सप्ताह बेहद पवित्र है, क्योंकि इसी हफ्ते लंबे समय से चल रहा अधिक मास समाप्त हो रहा है। आइए जानते हैं इस सप्ताह कौन-कौन से प्रमुख व्रतों और त्योहारों पड़ रहे हैं और किस दिन कौन सा व्रत रखा जाएगा।
14 जून (रविवार): इस दिन श्राद्ध की अमावस्या मनाई जाएगी, जो पितरों की शांति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
15 जून (सोमवार): स्नान-दान की सोमवती अमावस्या होगी। इसी के साथ इस दिन पवित्र अधिक मास (मलमास) भी समाप्त हो जाएगा।
16 जून (मंगलवार): इस दिन से सौर आषाढ़ मास का भव्य प्रारंभ हो रहा है।
17 जून (बुधवार): सुहागिनों और महिलाओं के लिए विशेष फलदायी माना जाने वाला रम्भा तृतीया (रम्भा तीज) का व्रत इस दिन रखा जाएगा।
18 जून (गुरुवार): भगवान गणेश को समर्पित विनायकी गणेश चतुर्थी का व्रत इस दिन किया जाएगा।
20 जून (शनिवार): मां भगवती की कृपा पाने के लिए इस दिन विंध्यवासिनी पूजा का पावन अनुष्ठान किया जाएगा।