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Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए? इन 5 चीजों से करें परहेज

Pitru Paksha Daan: पितृपक्ष में दान करना सबसे पुण्य कार्य माना जाता है और इस दौरान जो भी दान किया जाता है वो सीधा पूर्वजों तक जाता है। जानें पितृपक्ष 2026 में किन 5 चीजों का दान नहीं करना चाहिए।

सीमा कुमारी

Pitru Paksha Donation Rules: पितृपक्ष की शुरुआत हो गई है। यह समय पूर्वजों के तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों का पिंडदान और श्राद्ध आदि करने के अलावा, दान पुण्य भी करते है। पितृपक्ष में दान करना सबसे पुण्य कार्य माना जाता है और इस दौरान जो भी दान किया जाता है वो सीधा पूर्वजों तक जाता है।

वहीं मान्यता यह भी है कि अगर आप किसी गलत चीज का दान इस दौरान करते हैं, तो यह पुण्य दिलाने की जगह पूर्वजों की नाराजगी का कारण भी बन सकते हैं। पितृ पक्ष के दौरान आपको किन चीजों का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। यहां जानिए

पितृ पक्ष में इन 5 चीजों के दान से बचना चाहिए

बासी या झूठा भोजन दान

पितृपक्ष पूर्वजों और पितरों को समर्पित है। इस दौरान किसी भी जरूरतमंद या ब्राह्मण को कभी भी बासी, खराब या झूठा भोजन दान नहीं करना चाहिए। भोजन हमेशा ताजा और सात्विक होना चाहिए।

लोहे के बर्तन या वस्तुएं दान भी

इस दौरान दान में लोहे की वस्तुओं का प्रयोग या दान भी अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे शनि का प्रभाव बढ़ता है। इसलिए ऐसी गलती भी न करें।

फटे या पुराने वस्त्र

बताया जाता है कि, दान में हमेशा साफ और नए वस्त्र देने चाहिए। फटे या पुराने कपड़े दान करने से पुण्य की प्राप्ति नहीं होती है। जूते-चप्पल का दान

मान्यता है कि जूते या चप्पल का दान करने से राहु का प्रभाव बढ़ सकता है जिससे घर में अशांति आ सकती है।

जूते-चप्पल का दान

मान्यता है कि जूते या चप्पल का दान करने से राहु का प्रभाव बढ़ सकता है जिससे घर में अशांति आ सकती है।

झाड़ू का दान

झाड़ू का संबंध माता लक्ष्मी से माना गया है, इसलिए पितृ पक्ष में झाड़ू का दान करने से आर्थिक नुकसान या तंगी हो सकती है।

किन चीजों का दान करना सबसे फलदायी?

अन्न दान करना सर्वश्रेष्ठ

हिंदू धर्म में अन्न दान को सभी दानों में सबसे बड़ा और सर्वश्रेष्ठ माना गया है। धर्म शास्त्रों में पितृ पक्ष के दौरान गेहूं, चावल, जौ, काले चने का दान करना शुभ गया है। मान्यता है कि इससे घर में कभी भी अन्न और धन का संकट नहीं होता और बरकत बनी रहती है।

गौ दान महादान

धर्म शास्त्रों में पितृ पक्ष के दौरान अन्न दान के अलावा ,गौ दान महादान बताया गया है। हिन्दू धर्म में गाय को समस्त देवी-देवताओं और पितरों का वास स्थल माना गया है। पितृ पक्ष में गौ दान या गौशाला में गाय के चारे का दान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और कुल में वंश वृद्धि होती है।

नमक का दान

ज्योतिष और धर्म के अनुसार, पितृ पक्ष में नमक का दान करने से अनजाने में किए गए पापों और दोषों से मुक्ति मिलती है। यह घर की नेगेटिव ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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