नागपंचमी फोटो.सोशल मीडिया
धर्म

Nag Panchami 2026: क्या नागपंचमी सिर्फ सांपों की पूजा है या नाग देवताओं से जुड़ी है पुरानी परंपरा?

Nag Panchami: नागपंचमी पर नाग देवताओं की पूजा क्यों होती है? क्या इस दिन सांपों की पूजा की जाती है? नाग वंश का धार्मिक महत्व और नागपंचमी से जुड़ी मान्यताएं।

रीता राय सागर

Nag Panchami Significance: नाग पंचमी सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है और उनसे परिवार की रक्षा, भय से मुक्ति तथा सुख-समृद्धि की कामना की जाती है, लेकिन क्या नागपंचमी का संबंध सिर्फ जमीन पर रेंगने वाले सांपों से है? धार्मिक ग्रंथों और पौराणिक कथाओं से नाग वंश और नाग पंचमी के सीधे संबंध का पता चलता है।

नाग सिर्फ सांप नहीं, धार्मिक परंपरा में देवस्वरूप

हिंदू धार्मिक परंपरा में नागों को एक विशेष दिव्य सत्ता का रूप कहा गया है। महाभारत और विभिन्न पुराणों में अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक, ऐरावत, पद्म, महापद्म, शंखपाल और कालीय जैसे नागों का उल्लेख मिलता है। नागपंचमी की पूजा में अलग-अलग परंपराओं के अनुसार इन नागों का स्मरण और पूजन किया जाता है।

भगवद्गीता में भी भगवान श्रीकृष्ण अपनी विभूतियों का वर्णन करते हुए कहते हैं कि नागों में वे अनंत हैं। इससे हिंदू धार्मिक परंपरा में नागों के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व का पता चलता है।

अनंत और वासुकि का भगवान विष्णु और शिव से संबंध

अनंत यानी शेषनाग का वर्णन भगवान विष्णु की शय्या के रूप में मिलता है। वहीं वासुकि का संबंध भगवान शिव से विशेष रूप से जुड़ा है। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा में वासुकि को मंदराचल पर्वत के चारों ओर रस्सी के रूप में इस्तेमाल किया गया था। शिव के गले में नाग का होना भी नागों और महादेव के बीच गहरे धार्मिक संबंध को दर्शाता है।

तक्षक का महाभारत से गहरा संबंध

तक्षक को महाभारत में नागराज के रूप में वर्णित किया गया है। कथा के अनुसार, राजा परीक्षित की मृत्यु तक्षक के काटने से हुई थी। इसके बाद उनके पुत्र जनमेजय ने नागों के विनाश के लिए सर्पसत्र यज्ञ शुरू किया। जब इस यज्ञ में नागों का विनाश होने लगा, तब ऋषि आस्तीक ने हस्तक्षेप करके यज्ञ रुकवाया और तक्षक सहित नागों की रक्षा की।

नागपंचमी क्यों मनाई जाती है?

धार्मिक मान्यताओं में नागपंचमी को नाग देवताओं की पूजा और उनसे सुरक्षा की प्रार्थना का दिन होता है। भविष्य पुराण में वासुकि, तक्षक, कर्कोटक, ऐरावत समेत कई नागों की पूजा का उल्लेख मिलता है। नागों की पूजा का एक कारण सर्पभय से मुक्ति और परिवार की रक्षा से भी जुड़ा है।

इसलिए नागपंचमी को केवल सांपों की पूजा कहकर सीमित करना उचित नहीं होगा। यह पर्व नाग देवताओं, प्रकृति और हिंदू पौराणिक परंपरा के साथ मनुष्य के संबंध को दर्शाता है।

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