करवा चौथ पर तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति से बनेगा त्रिग्रही योग।
मेष, वृषभ, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए करियर और धन के मामले में शुभ संकेत हैं।
इसी दिन बुध आदित्य और लक्ष्मी नारायण योग का भी ज्योतिषीय संयोग बताया जा रहा है।
Karwa Chauth 2026 Trigrahi Yog: करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। इस बार त्योहार के साथ बनने वाला त्रिग्रही योग भी ज्योतिषीय नजरिए से चार राशियों के लिए शुभ है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र एक साथ मौजूद रहेंगे। जब तीन ग्रह एक ही राशि में होते हैं, तो इसे त्रिग्रही योग कहा जाता है। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा, बुध को बुद्धि और कम्युनिकेशन स्किल, जबकि शुक्र को सुख-सुविधा, प्रेम और आकर्षण का प्रतीक बताया जाता है।
इन तीनों ग्रहों की युति से कुछ राशियों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत संबंध बेहतर होते हैं।
मेष राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में बेहतरी का संकेत हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या किसी पुराने काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। कारोबार करने वालों को अपनी योजनाओं पर दोबारा विचार करने और नए विकल्प तलाशने का मौका मिल सकता है।
वृषभ राशि के जातकों के लिए धन और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। आय बढ़ाने के नए विकल्प तलाशने या लंबे समय से अटके काम को आगे बढ़ाने की सह सही समय है। आर्थिक फैसले लेते समय बजट और जोखिम का ध्यान जरूर रखें।
तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति होने से इस दौरान कम्युनिकेशन स्किल, क्रिएटिविटी और कामकाज में अपनी बात रखने पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। रिश्तों में स्पष्ट बातचीत और एक-दूसरे की भावनाओं को समझना भी अहम रहेगा।
कुंभ राशि के जातकों के लिए करियर, नेटवर्किंग और आर्थिक योजनाओं से जुड़े अवसरों पर ध्यान देने का समय है। कामकाज के दौरान लोगों से संपर्क या किसी योजना को आगे बढ़ाने की संभावना बन रही है, लेकिन किसी भी फाइनेंशियल डिसीजन से पहले उसके फायदे और नुकसान को जरूर एनलाइज करें।
ज्योतिषीय के अनुसार, करवा चौथ पर त्रिग्रही योग के अलावा दो अन्य ग्रहों का भी योग बन रहा है।
बुधादित्य योग: सूर्य और बुध की युति से बनने वाले इस योग को ज्योतिष में बुद्धि, संवाद कौशल और कार्यक्षमता से जोड़ा जाता है।
लक्ष्मी नारायण योग: बुध और शुक्र की युति को लक्ष्मी नारायण योग कहा जाता है। इसे धन, सुख-सुविधा और समृद्धि से संबंधित माना जाता है।