होलिका दहन(सौ. Gemini) 
धर्म

होलिका दहन पर किन बातों की है मनाही? जानिए जरूरी नियम, वरना पड़ सकता है पछताना

Holika Dahan 2026: होलिका दहन की रात कुछ खास नियमों का पालन करना आवश्यक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गलत आचरण, अपशब्द, झगड़ा या अशुद्ध वस्तुओं का प्रयोग अशुभ प्रभाव डाल सकता है।

सीमा कुमारी

Holika Dahan Rules: होली से एक दिन पहले मनाया जाने वाला होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। इस दिन लोग अग्नि प्रज्वलित कर भगवान से प्रार्थना करते हैं कि जीवन की सभी नकारात्मक शक्तियां भस्म हो जाएं और सुख-समृद्धि का आगमन हो।

हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन का दिन पूजा-पाठ के लिहाज से बहुत ही शुभ माना जाता है और इस दिन कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही जरूरी बताया गया है।

होलिका दहन के दिन क्या करें और क्या नहीं?

शुभ मुहूर्त में पूजा करें

होलिका दहन परंपरानुसार शाम के समय किया जाता है, जबकि उससे पहले महिलाएं सुबह होलिका का विधि-विधान से पूजन करती हैं। मान्यता है कि यह पूजन यदि शुभ मुहूर्त में किया जाए तो अधिक फलदायी और मंगलकारी होता है।

व्रत रखें

होलिका दहन का पूजन फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किया जाता है। पूर्णिमा तिथि को हिंदू धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दिन व्रत रखकर शुभ मुहूर्त में होलिका दहन का पूजन करना मंगलकारी माना जाता है।

उत्तर दिशा में दीपक जलाए

ज्योतिषयों के अनुसार, होलिका दहन के दिन यदि घर की उत्तर दिशा में घी का दीपक जलाया जाए तो घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ऐसा करना बहुत ही शुभ माना गया है।

गेहूं की बाली का उपयोग

होलिका दहन की सुबह की पूजा में सरसों, तिल, 11 सूखे गोबर के उपले, अक्षत, चीनी, गेहूं के दाने और गेहूं की बाली का विशेष उपयोग किया जाता है। इन सामग्रियों को श्रद्धा भाव से अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की जाती है।

7 बार परिक्रमा करें

होलिका की पूजा के बाद 7 परिक्रमा करते हुए जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके पश्चात दान करना भी मंगलकारी होता है। ध्यान रहे कि होलिका की पूजा हमेशा ठंडी की जाती है, इसलिए उसके पास दीपक नहीं जलाया जाता।

होलिका दहन के दिन क्या नहीं करें

  • होलिका दहन के दिन नकारात्मक शक्तियां ज्यादा सक्रिय होती हैं इसलिए इस दिन काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
  • होलिका दहन के समय अपना सर ढककर रखना चाहिए। अर्थात् सर खुला नहीं होना चाहिए।
  • होलिका दहन की रात बहुत से लोग जादू टोना भी करते हैं इसलिए इस दिन किसी के घर भोजन नहीं ग्रहण करना चाहिए।
  • होलिका दहन के दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन नहीं ग्रहण करना चाहिए। साथ ही बासी भोजन भी नहीं ग्रहण करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन नहीं करना चाहिए। किसी ब्राह्मण अथवा किसी अन्य से होलिका दहन करवाएं।
  • नवविवाहित स्त्रियों को होलिका जलते हुए नहीं देखना चाहिए। इससे उन्हें जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।

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