Holi Festival 2026: आज पूरे देशभर में रंगों का उत्सव होली मनाया जा रहा है। यह रंगों का उत्सव केवल हुड़दंग और पकवानों तक सीमित नहीं है? ज्योतिष और शास्त्रों में होली के दिन को एक 'सिद्ध काल' माना गया है, यानी एक ऐसा महामुहूर्त जब किए गए छोटे-छोटे बदलाव आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकते हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, होली के दिन सुबह स्नान के बाद सबसे पहले मुख्य द्वार पर ताजे पानी में हल्दी और गंगाजल मिलाकर छिड़काव करें। मुख्य द्वार के दोनों ओर सिंदूर से 'ॐ' या 'श्री' लिखें। ऐसा करने से न केवल वास्तु दोष दूर होता है, बल्कि घर में किसी भी बुरी शक्ति के प्रवेश नहीं करती हैं।
यदि आपको लगता है कि घर में अक्सर कलह रहती है या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं, तो यह उपाय रामबाण साबित हो सकता हैं। इसके लिए सुबह एक मुट्ठी काले तिल और थोड़ा सा सेंधा नमक लेकर पूरे घर में घूमाएं फिर उसे घर से बाहर किसी सुनसान जगह पर फेंक दें।
किसी भी उत्सव की शुरुआत अपने मूल (Ancestors) को याद किए बिना अधूरी है। रंग खेलने निकलने से पहले अपने कुलदेवता और पितरों के नाम का एक दीपक जलाएं। इसके लिए एक थाली में गुलाल रखें। सबसे पहले उसे अपने आराध्य देव के चरणों में अर्पित करें। इससे आपके काम में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, ईश्वर की कृपा बनी रहती हैं।
होली के दिन एक एकाक्षी नारियल की पूजा करके लाल कपड़े में लपेट कर दूकान में या व्यापार स्थल पर स्थापित करें। साथ ही स्फटिक का शुद्ध श्रीयंत्र रखें। उपाय निष्ठापूर्वक करें, लाभ में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होगी।
होली की सुबह बेलपत्र पर सफेद चंदन की बिंदी लगाकर अपनी मनोकामना बोलते हुए शिवलिंग पर सच्चे मन से अर्पित करें। बाद में सोमवार को किसी मंदिर में भोलेनाथ को पंचमेवा की खीर अवश्य चढ़ाएं, मनोकामना पूरी होगी।
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मनोकामना की पूर्ति हेतु होली के दिन से शुरू करके प्रतिदिन हनुमान जी को पांच लाल पुष्प चढ़ाएं, मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी।