Gayatri Mata Ki Kripa Pane Ke Upay: 25 जून 2026 को गायत्री जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में यह दिन माता गायत्री की उपासना और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर माता गायत्री का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस दिन गायत्री जयंती मनाई जाती है।
मान्यता है कि गायत्री जयंती के दिन माता की विधि-विधान से पूजा करने से ज्ञान, विवेक और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि लेकर आते हैं।
गायत्री जयंती के दिन श्रद्धा और एकाग्र मन से गायत्री मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन 108 या 1008 बार गायत्री मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है और बुद्धि का विकास होता है। साथ ही व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है।
इस पावन अवसर पर गायत्री यज्ञ या हवन करना भी बेहद पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि हवन में गायत्री मंत्र के साथ आहुति देने से वातावरण शुद्ध होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है। इसके अलावा नकारात्मकता दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
माता गायत्री को ज्ञान और बुद्धि की देवी माना जाता है। ऐसे में गायत्री जयंती के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें, कॉपी या अन्य शिक्षा सामग्री दान करें। साथ ही ब्राह्मणों या जरूरतमंद लोगों को अन्न दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन में शुभता बढ़ती है।
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की पूजा के बाद गायत्री चालीसा का पाठ और आरती अवश्य करें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और परिवार में प्रेम, सद्भाव तथा सकारात्मक वातावरण बना रहता है। माता की कृपा से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है।
गायत्री जयंती के दिन व्रत रखना भी अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन फलाहार करें और पूरे दिन सात्विक जीवनशैली अपनाएं। यदि व्रत रखना संभव न हो, तो केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें। मान्यता है कि इससे शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं तथा व्यक्ति के भीतर संयम, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विकास होता है।
गायत्री जयंती का यह पावन पर्व केवल पूजा-अर्चना का ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, ज्ञान और सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ने का भी अवसर माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये उपाय माता गायत्री की कृपा दिलाने वाले माने जाते हैं।