गजकेसरी योग फोटो.सोशल मीडिया
धर्म

Gajakesari Rajyog 2026: गुरु-चंद्र की युति से अक्टूबर में बनेगा गजकेसरी योग, करियर और धन पर पड़ेगा गहरा असर

Gajakesari Rajyog: 4 अक्टूबर को कर्क राशि में गुरु-चंद्र की युति से गजकेसरी योग बनेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इसका असर करियर, धन और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है।

रीता राय सागर

Gajakesari Yog 2026: ज्योतिष के दृष्टिकोण से अक्टूबर 2026 की शुरुआत खास हो सकती है। 4 अक्टूबर को चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, यहां पहले से देवगुरु बृहस्पति मौजूद हैं। ऐसे में गुरु और चंद्रमा की युति बनेगी, जिसे वैदिक ज्योतिष में गजकेसरी योग कहा जाता है। ज्योतिषीय के अनुसार यह योग ज्ञान, निर्णय क्षमता, सम्मान, करियर और आर्थिक स्थिति से जुड़े मामलों पर प्रभाव डालता है।

कब बन रहा है गजकेसरी योग?

पंचांग की गणना के अनुसार चंद्रमा 4 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:31 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। यहां पहले से गुरु की स्थिति होने के कारण दोनों ग्रहों की युति बनेगी, जो शुभ फलदायी होगा। यह संयोग 6 अक्टूबर की रात करीब 10:17 बजे तक बनी रहेगी। इसके बाद चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

चंद्रमा की गति तेज होने के कारण गुरु-चंद्र की ऐसी युति लंबे समय तक नहीं रहती। यही वजह है कि ज्योतिष में इस अवधि को विशेष माना जाता है।

क्या होता है गजकेसरी योग?

वैदिक ज्योतिष में गुरु और चंद्रमा की युति से बनने वाले योग को गजकेसरी योग कहा जाता है। गुरु को ज्ञान, विस्तार, समृद्धि और सम्मान से जोड़ा जाता है, जबकि चंद्रमा मन, भावनाओं और सोच का कारक माना जाता है।

जब इन दोनों ग्रहों का शुभ संबंध बनता है, तो व्यक्ति की निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास, करियर, फाइनेंस और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव होते है। इसका वास्तविक प्रभाव चंद्र राशि, लग्न, ग्रहों की स्थिति और दशा-अंतर्दशा जैसे कई कारकों से पता चलता है।

करियर पर कैसा असर माना जाता है?

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार गुरु-चंद्र का यह संयोग नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों के लिए अच्छा संकेत है। नौकरी करने वाले लोगों के लिए कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ने या काम को पहचान मिलने की स्थिति बन सकती है। वहीं कारोबार करने वालों के लिए नया प्रोजेक्ट, ग्राहक या साझेदारी से जुड़े अवसर मिल सकते हैं।

धन के मामले में क्या संकेत हैं?

गजकेसरी योग को ज्योतिष में आर्थिक उन्नति से भी जोड़ा जाता है। इस दौरान कुछ लोगों को आमदनी के नए विकल्प मिलने, अटके हुए मामलों के सुलझने या पुराने संपर्क से आर्थिक फायदा मिलने की संभावना होती है।

राजकेसरी योग का राशियों पर प्रभाव

तुला राशि

तुला राशि के लिए इस संयोग को कामकाज से जुड़े मामलों के लिए शुभ माना जाता है। नौकरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने या लंबे समय से रुके प्रोजेक्ट में प्रगति हो सकती है। कारोबारियों को पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए पेशेवर जीवन और साझेदारी से जुड़े मामलों में बदलाव की संभावना बताई गई है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और किसी नए प्रोजेक्ट या काम का प्रस्ताव मिल सकता है। आमदनी के नए विकल्पों पर भी काम करने का अवसर बन सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए नौकरी, आर्थिक स्थिति और रुके हुए पैसों से जुड़े मामलों में अच्छी खबर आ सकती है। इसके लिए सटीक गणना व्यक्तिगत की कुंडली से ही पता चल सकता है।

मीन राशि

मीन राशि के लिए आर्थिक लाभ, अटके हुए धन की वापसी और निवेश से जुड़े अवसरों मिलने की संभावना बताई जा रही है।

सोच और फैसलों पर भी असर

ज्योतिष में गुरु को ज्ञान और चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़ा जाता है। इसलिए इस योग को निर्णय क्षमता, सीखने, आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जाता है। इस अवधि को किसी नई योजना पर विचार करना, अधूरे काम को व्यवस्थित करना या करियर पर गंभीरता से विचार करने के लिए अनुकूल माना जाता है।

लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें! ट्रांसफर के बाद नए जज प्रशांत कुमार करेंगे लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई

विवाद के बाद ECI ने फॉर्म 6 में किया बदलाव, SIR से जुड़ा Annexure-D को हटाया; लेकिन इन राज्यों में रहेगा जारी

INDIA Bloc Meeting: EVM से बैलेट पेपर तक, राहुल के सारे सबूत गए बेकार, अब खरगे ने रखीं चुनाव सुधार की 6 मांगें

भारत में आएं और निवेश करें...अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स से बोले मंत्री पीयूष गोयल, SME पार्टनरशिप का दिया न्योता

CAFE-III Norms: 2027 से बदलेंगे कारों के फ्यूल एफिशिएंसी नियम, जानें नई गाड़ियों पर क्या होगा असर