पितृ पक्ष दोष दूर करने के उपाय (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

पितृदोष से मुक्ति के लिए पितृपक्ष में अवश्य करें ये उपाय, पूजा-पाठ, अन्यथा नहीं होगी पितरों की कृपा

जो लोग पितृ दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, उन्हें पितृ पक्ष के दौरान ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। इसके साथ ही पंचबली भोग निकालना चाहिए और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही, पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, इस दौरान गीता का पाठ भी अवश्य करना चाहिए।

सीमा कुमारी

सनातन धर्म में 'पितृ-पक्ष' (Pitru Paksha 2024) का विशेष महत्व होता है। इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर, दिन शनिवार से हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ-पक्ष की अवधि में तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध कर्म किया जाता है।इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर, दिन शनिवार से हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ-पक्ष की अवधि में तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध कर्म किया जाता है।

इस समय जो व्यक्ति अपने पितरों का तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध कर्म करता है, उन्हें अपने पितर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, जो लोग इस समय में अपने पूर्वजों का तर्पण करने के लिए गया जाते हैं, उन्हें कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी हैं, तो आइए जान लेते हैं, इस बारे में-

तर्पण करने के बाद जरूर करें ये काम घर पर

ज्योतिषयों के अनुसार, जो लोग पितृ पक्ष में अपने पितरों का तर्पण करने के लिए जाते हैं, उन्हें वहां से लौटने के बाद कुछ ऐसे नियम हैं, जिनका पालन जरूर करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि घर पर आने के पश्चात श्री हरि की विधिवत पूजा और सत्यनारायण कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए या सुनना चाहिए।

पितृ-दोष मुक्ति के लिए करें ये उपाय

  • जो लोग पितृ दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, उन्हें पितृ पक्ष के दौरान ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। इसके साथ ही पंचबली भोग निकालना चाहिए और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही, पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, इस दौरान गीता का पाठ भी अवश्य करना चाहिए।
  • इसके साथ ही विष्णु भगवान के नाम से गरीब ब्राह्मणों और अपने परिवार के सदस्यों को भोजन करवाना चाहिए। इन चीजों के बाद ही श्राद्ध पूर्ण माना जाता है और उसके शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं। साथ ही पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
  • ज्योतिषाचार्य के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान अगर आपको कौवा मुंह में रोटी दबाए या भोज करता हुआ दिख जाए तो यह पितरों के प्रसन्न होने का शुभ संकेत है।
  • ब्रह्म मुहूर्त में गाय के रंभाने की आवाज का पितृपक्ष के दौरान सुनाई देना भी पितरों की प्रसन्नता और उनकी परिवार पर कृपा को दर्शाता है।
  • अगर आपको पितृ पक्ष के दौरान पिता पक्ष की ओर से संपत्ति मिले या कोई शुभ काम संपन्न हो तो यह भी प्रसन्न पितरों का संकेत है।
  • अगर आपके घर में पितृ पक्ष के दौरान काली चीटियां निकलने लग जाए तो यह भी इस बता को दर्शाता है कि आपके पितृ आपसे प्रसन्न हैं।
  • मान्यताएं हैं कि आपके पितृ चीटियों के रूप में आपसे मिलने आते हैं। ऐसी स्थिति में आपको चीटियों को आटा डालना चाहिए। इससे पितरों को शांति मिलती है।

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