सावन सोमवार व्रत (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri Mantra Jaap: आज देशभर में महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान होता है। जो भी शिव भक्त सच्चे मन से भगवान शिव का ध्यान करते है उनकी सारी मनोकामना पूरी होती है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर आज भगवान शिव की पूजा, व्रत और मंत्र जाप करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। भोलेनाथ अपने भक्तों की श्रद्धा से प्रसन्न होकर उन पर कृपा बरसाते हैं।
पूजा के शुभ फल की प्राप्ति के लिए इन मंत्रों का करें जाप
आपको बताते चलें कि, महादेव की कृपा पाने के लिए आज महाशिवरात्रि के दिन विशेष मंत्रों का जाप करने की बात कही जाती है। यदि इन मंत्रों का जाप सही तरीके से और नियमों के अनुसार किया जाए, तो जीवन में सुख और शांति का संचार होता है। इसके साथ ही, भक्तों की सभी इच्छाएं भी पूरी होती हैं।
बताया जाता है कि, महादेव को अत्यंत दयालु और कृपालु देव माना जाता है अगर आप जल अर्पित करते है तो भगवान प्रसन्न हो जाते है। जीवन में सुख और शांति का संचार होता है। भक्तों की सभी इच्छाएं भी पूरी होती हैं।
नियमों का पालन करते हुए करें मंत्रों का जाप
आपको बताते चलें कि, महाशिवरात्रि के मौके पर आप भगवान शिव के कुछ विशेष मंत्रों का जाप करते है तो इससे महादेव की कृपा आप बनती है। इन नियमों का पालन करते हुए मंत्रों का जाप करने से पहले स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर किया जाना चाहिए। मंत्र जाप करने से पहले शिव जी की पूजा करें और उनका ध्यान करें, इसके बाद ही सच्ची श्रद्धा के साथ मंत्रों का जाप करें।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्रों में से एक यह भी है। मान्यता है कि इस मंत्र का नियमित रूप से 108 बार जाप करने से व्यक्ति का मन और मस्तिष्क शांत होता है, साथ ही भगवान शिव की कृपा भी प्राप्त होती है।
2-ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
इस मंत्र को शास्त्रों में रुद्र मंत्र के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यह मंत्र शिव जी तक अपनी इच्छाओं को पहुंचाने में अत्यंत प्रभावी है।
3-ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||
यह मंत्र शिव जी के शक्तिशाली मंत्रों में से एक है, जिसे महामृत्युंजय मंत्र कहा जाता है। इसके जाप से व्यक्ति को भय, मृत्यु और नश्वरता से मुक्ति मिलती है।
4-ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
जीवन में सुख और शांति प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में कई मंत्रों का उल्लेख किया गया है, लेकिन शिव गायत्री का यह मंत्र विशेष रूप से प्रभावशाली है। इसके जाप से व्यक्ति के जीवन में शांति का संचार होता है।
5- करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा ।
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं ।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व ।
जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥
यदि आप अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगना चाहते हैं या अनजाने में हुई भूलों के लिए माफी चाहते हैं, तो इस मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि शिव जी इस मंत्र का जाप करने वाले भक्तों से प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हैं।