माता रानी(सौ. AI) 
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चैत्र नवरात्रि की पूजा में माता रानी को चढ़ाएं ये विशेष फूल, मन की मुरादें होंगी पूरी

Navratri Puja Special Flowers: चैत्र नवरात्रि में माता रानी को कुछ खास फूल चढ़ाने से आपकी मनोकामनाएँ पूरी हो सकती हैं। जानिए कौन से फूल हैं सबसे शुभ और प्रभावी।

सीमा कुमारी

Mata Rani Favorite Flowers: गुरुवार, 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का महापर्व शुरू होने जा रहा है। यह पर्व हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन से शुरू होता है। नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा को समर्पित है।

शास्त्रों के अनुसार, देवी इस दौरान धरती लोक पर आती हैं। माता रानी के भक्त 9 दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं। साथ ही व्रत रखते है। ऐसी मान्यता है कि,इससे देवी दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

नवरात्रि के दौरान देवियों को उनके प्रिय भोग और फूल भी अर्पित किए जाते है। मान्यता है कि प्रत्येक देवी को उनके प्रिय फूल अर्पित करने से वे जल्द ही प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती है।

नवरात्रि में किस देवी को कौन सा फूल चढ़ाएं?

  • पहला दिन:सफेद कनेर या चमेली के फूल

पहला दिन मां शैलपुत्री का है। देवी को गुड़हल, सफेद कनेर या चमेली के फूल बहुत प्रिय हैं। मां शैलपुत्री को ये फूल चढ़ाने से सुख, शांति और स्थिरता की प्राप्ति होती है।

  • दूसरा दिन:कमल का फूल

दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का है। देवी को कमल का फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी को ये फूल अर्पित करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है।

  • तीसरा दिन: बेला और चमेली

तीसरा दिन मां चंद्रघंटा का है। मां का प्रिय फूल कमल, बेला और चमेली है। देवी को ये फूल चढ़ाने से साहस, पराक्रम की प्राप्ति होती है।

  • चौथा दिन:गुड़हल व पीले कनेर के फूल

चौथा दिन का मां कूष्मांडा का है। माता रानी को गुड़हल व पीले कनेर के फूल पसंद हैं। कहा जाता है कि इन फूलों को चढ़ाने से रोग-शोक दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

  •  पांचवां दिन: कमल, गुड़हल और गुलाब

पांचवां दिन मां स्कंदमाता का है। देवी को कमल, गुड़हल और गुलाब का फूल बहुत प्रिय है। स्कंदमाता माता को कमल का फूल चढ़ाने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही संतान से जुड़ी मुश्किलें दूर होती हैं।

  • छठा दिन: गेंदा, कमल व गुड़हल का फूल

छठा दिन मां कात्यायनी का है। देवी को गेंदा, कमल व गुड़हल का फूल अर्पित करना बहुत फलदायी माना जाता है। कहते हैं कि ये फूल अर्पित करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।

  • सातवां दिन: रातरानी व गुड़हल

सातवां दिन मां कालरात्रि का है। देवी का प्रिय फूल रातरानी व गुड़हल है। ये फूल चढ़ाने से भय, दुख और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।

  • आठवां दिन: मोगरा व बेला

आठवां दिन मां महागौरी का है। मां का प्रिय फूल सफेद मोगरा व बेला, चमेली है। मां महागौरी को सफेद फूल बहुत प्रिय हैं। इन्हें चढ़ाने से पापों से मुक्ति मिलती है।

  • नौवां दिन: कमल व चंपा

नौवां दिन मां सिद्धिदात्री का है। जगदंबा का प्रिय फूल कमल व चंपा है। ये फूल अर्पित करने से सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है और हर काम में सफलता मिलती है।

फूल चढ़ाते समय किन बातों का रखें ध्यान

  • फूल हमेशा ताजे और साफ होने चाहिए।
  • बासी या मुरझाए हुए फूल कभी न चढ़ाएं।
  • फूलों को तोड़ने से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • फूल चढ़ाते समय मन में पूरी श्रद्धा और भक्ति होनी चाहिए।
  • अगर कोई विशेष फूल न मिल पाए, तो आप गुड़हल के फूल भी देवी को चढ़ा सकते हैं, क्योंकि यह माता रानी का प्रिय है।

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