हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को महत्वपूर्ण तिथियों में से एक माना जाता है। ऐसे में भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि (Bhadrapada Purnima 2024) को हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत भी होती है।भाद्रपद पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करने से देवताओं के साथ ही हमारे पितृ भी प्रसन्न होते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का भी विधान है।
साथ ही इस तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। ऐसे में आप भाद्रपद पूर्णिमा पर कुछ उपायों द्वारा मां लक्ष्मी की कृपा के पात्र बन सकते हैं। ऐसे में आइए जान लेते है इन उपायों के बारे में-
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन करें उपाय
* ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करने से आर्थिक समस्याओं से आपको छुटकारा मिलता है।
* इस दिन घर में गंगाजल का छिड़काव करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है।
* इस दिन सत्यनारायण की कथा का पाठ करने से सुख-समृद्धि घर में बनी रहती है।
* अगर दांपत्य जीवन में परेशानियां चल रही हैं तो इस दिन पति-पत्नी को चंद्रमा को दूध का अर्घ्य देना चाहिए।
* इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से और सामर्थ्य अनुसार दान देने से पितरों और देवताओं का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।
*भाद्रपद पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ तले दीपक जलाने से आपके पितृ प्रसन्न होते हैं।
* पूर्णिमा तिथि पर माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए उन्हें लाल रंग का फूल जैसे गुड़हल अर्पित करें। इसके साथ ही कनकधारा स्त्रोत का पाठ भी जरूर करें। इससे मां लक्ष्मी की कृपा साधक और उसके परिवार पर बनी रहती है और साधक को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता।
* इस दिन गाय, कुत्ता, कौआ, चींटी आदि को अन्न खिलाते हैं तो आपके जीवन की कई समस्याओं का हल आपको मिल सकता है।
भाद्रपद पूर्णिमा व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि, आरोग्यता और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। साथ ही कई प्रकार के ग्रह दोष दूर हो जाते है। इसके साथ आर्थिक, कार्यक्षेत्र और व्यापार से जुड़ी समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाता है। पूर्णिमा तिथि के दिन दान-पुण्य करने से देवी-देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।