(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)  
राजस्थान

डिप्टी CM के बेटे पर एक्शन, ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए कटा 7000 का चालान

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के लिए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा के बेटे पर 7,000 का जुर्माना लगाया गया है। बिना अनुमति जीप मॉडिफिकेशन, सीट बेल्ट न लगाने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन यूज करने के लिए उन पर ये चालान लगाया गया है।

रीना पंवार

जयपुर : हाल ही में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा के बेटे चिन्मय कुमार बैरवा की रील वायरल हुई थी जिसमें वे दोस्तों के साथ खुली मॉडिफाइड जीप में रील बनाते नजर आ रहे थे। इतना ही नहीं, इस दौरान जीप के पीछे उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की गाड़ी भी थी। इस मामले में अब एक्शन लेते हुए अब परिवहन विभाग ने उपमुख्यमंत्री के बेटे को विभिन्न नियमों के उल्लंघन के लिए 7000 रुपए के जुर्माने का चालान भेजा है।

यह चालान चिन्मय कुमार बैरवा द्वारा मॉडिफाइड जीप चलाने का वीडियो सामने आने के एक सप्ताह बाद जारी किया गया है। परिवहन विभाग ने उपमुख्यमंत्री के बेटे पर वाहन में अनधिकृत मॉडिफिकेशन कराने के लिए 5,000 रुपये, सीट बेल्ट न लगाने के लिए 1,000 रुपये और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

वायरल हुई थी रील

इस मामले में गाड़ी के मालिक पुष्पेंद्र भारद्वाज के बेटे को भी एक अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया था। उनसे मोटर वाहन कानून के तहत सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। बता दें कि पिछले दिनों इंटरनेट पर उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा व स्थानीय कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज के बेटों की मॉडिफाइड गाड़ी चलाते हुए एक रील खूब वायरल हुई थी।

सोशल मीडिया पर जमकर हुई आलोचना

इस रील के वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। रील में बैरवा के बेटे के साथ जीप की आगे की सीट पर भारद्वाज का बेटा व पीछे दो अन्य लोग बैठे दिखाई दे रहे थे। इस रील में सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि इस जीप के पीछे इन्हें सुरक्षा देने के लिए पुलिस की बत्ती लगी राजस्थान सरकार की एक गाड़ी चल रही थी। इंटरनेट पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर इसकी जमकर आलोचना की।

उपमुख्यमंत्री ने बेटे का बचाव किया

इस मामले को लेकर आलोचना होने पर उपमुख्यमंत्री ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि जब से वे उपमुख्यमंत्री बने हैं, तब से उनके बेटे को अमीर लोगों से मिलने-जुलने और उनकी लग्जरी कारों को देखने का मौका मिला है। उन्होंने कहा था, ‘‘मेरे बेटे के स्कूल में कई बच्चे उसके दोस्त है। मैं माननीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझ जैसे व्यक्ति को राजस्थान का उपमुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद, अगर धनी लोग मेरे बेटे को अपनी कारों में बैठने की अनुमति देते हैं और उसे लग्जरी कारें देखने का मौका देते हैं, तो मैं उनका आभारी हूं।''

घटना पर जताया खेद

उपमुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि उनका बेटा अभी कानूनी तौर पर गाड़ी चलाने की उम्र तक नहीं पहुंचा है। साथ में चल रही पुलिस की गाड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि वह केवल सुरक्षा के लिए थी। मामले में सफाई पेश करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि अगर लोग इसे अलग तरह से समझते हैं, तो यह उनका दृष्टिकोण है लेकिन मैं अपने बेटे या उसके दोस्तों को दोष नहीं देता।

हालांकि, इतना सब कहने के बाद उपमुख्यमंत्री ने बाद में घटना पर खेद भी जताया। उन्होंने कहा, वह नहीं चाहते कि उनके कार्यों से उनकी पार्टी की छवि खराब हो। बेटे को लेकर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, वह बच्चा है, अभी छोटा है। मैंने उसे इस तरह का बर्ताव दोबारा न करने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास कोई गाड़ी नहीं है, केवल एक जीप है जो उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है। बता दें कि बैरवा दूदू विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

विवादित होने के बावजूद कांग्रेस के लिए उपयोगी माने जाते हैं चिंदबरम, इन विवादों से रहा है चोली-दामन का रिश्ता

भारत की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन हुई रवाना, गुजरात में 5 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित

UPI पेमेंट को लेकर नए स्लैब का ऐलान, 5000 पर 20 और 10000 पर कटेंगे 40 रुपए

86 साल बाद किशाऊ बांध परियोजना को मिली हरी झंडी, अमित शाह की मौजूदगी में 6 राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता

Uttar Pradesh Politics: मंत्री संजय निषाद ने UCC का किया समर्थन, बोले- जब वोट बराबर तो अधिकार भी एक हों