जयपुर में ED की रेड  
राजस्थान

महादेव एप जांच में रेड, छत्तीसगढ़ से पहुंची ED टीम को जयपुर में मिले पुख्ता सबूत

जयपुर के फेयर माउंट होटल में ED ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े संदिग्धों पर छापामार कार्रवाई की। छत्तीसगढ़ से आई टीम ने कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए व कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

सौरभ शर्मा

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में ईडी ने एक बार फिर महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े नेटवर्क पर बड़ा एक्शन लिया है। छत्तीसगढ़ की प्रवर्तन निदेशालय (ED) टीम ने बुधवार को जयपुर के कूकस स्थित होटल फेयर माउंट में छापेमारी कर संदिग्धों को हिरासत में लिया। यह लोग एक शादी समारोह में शामिल होने के बहाने होटल में रुके थे। टीम को इस दौरान अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं।

ईडी को सूचना मिली थी कि महादेव एप नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग जयपुर पहुंचे हैं। इसी के आधार पर छत्तीसगढ़ से आई टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। ईडी सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, हालांकि उनकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ये लोग महादेव ऐप के माध्यम से बड़े पैमाने पर मनी ट्रांसफर और शैल कंपनियों के जरिए रकम के लेन-देन में शामिल थे।

कई राज्यों में पहले भी हो चुकी है छापेमारी

इससे पहले भी 16 अप्रैल को ईडी ने जयपुर, छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में एक साथ महादेव ऐप नेटवर्क पर कार्रवाई की थी। उस समय 60 ठिकानों पर छापे मारे गए थे, जिसमें कई बड़े व्यापारियों और फाइनेंशियल ऑपरेटर के नाम सामने आए थे। ईडी ने कई फर्जी कंपनियों के जरिए हुए करोड़ों के मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भी भंडाफोड़ किया था। इस नेटवर्क में जयपुर के कई प्रभावशाली कारोबारियों के नाम सामने आए हैं।

क्या है महादेव बेटिंग ऐप और छत्तीसगढ़ कनेक्शन

महादेव बेटिंग ऐप एक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों पर सट्टा लगाने की सुविधा देता है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में कैश लेन-देन, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला कारोबार किया जा रहा था। इसका नेटवर्क छत्तीसगढ़ से ऑपरेट किया जाता रहा है। यहीं से पहली बार ईडी को इसकी गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद महादेव ऐप के तार देशभर में फैले होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद अलग-अलग राज्यों में छापेमारी का सिलसिला शुरू हुआ।

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ईडी ने अब तक इस मामले में करोड़ों रुपये के लेन-देन, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और फर्जी कंपनियों के रेकॉर्ड जब्त किए हैं। एजेंसी का मानना है कि इस ऐप से जुड़े कई मुख्य आरोपी अभी भूमिगत हैं, जिनकी तलाश जारी है।

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