Punjab Congress Protest March: पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता चंडीगढ़ पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों और कथित अधूरे वादों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। सीएम आवास की ओर कूच के दौरान बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
पंजाब कांग्रेस ने सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन और आसपास के इलाकों में बड़ा रोष प्रदर्शन आयोजित किया। इसमें राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है और जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लगातार बने हुए हैं।
राजा वड़िंग की अगुवाई में जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया, तो पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग कर दी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से कई बार चेतावनी भी दी गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ को पीछे हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प की स्थिति बन गई।
वाटर कैनन की बौछार के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता की आंख में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। कुछ अन्य समर्थकों को भी मामूली चोटें आने की बात कही गई।
इसके बाद पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए नेताओं और समर्थकों को बसों में बैठाकर सेक्टर-11 थाने पहुंचाया। कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर प्रस्तावित मार्च आगे नहीं बढ़ सका।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पंजाब में कानून-व्यवस्था, महंगाई और सरकारी कर्मचारियों के DA भुगतान को लेकर सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या के कारण सेक्टर-15 और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ। कुराली से चंडीगढ़ तक कई स्थानों पर लंबे जाम की स्थिति बनने की बात कही गई।
कांग्रेस के इस बड़े प्रदेशव्यापी प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री और मेनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी तथा उनके समर्थक विधायक और सांसद नजर नहीं आए। उनकी गैर-मौजूदगी ने पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की चर्चा को फिर हवा दे दी है।
पार्टी के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी। नए पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश नेतृत्व के सामने अलग-अलग गुटों के बीच समन्वय स्थापित करना अहम होगा। मंगलवार का प्रदर्शन जहां कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपना शक्ति प्रदर्शन बताया, वहीं पुलिस कार्रवाई ने इसे राज्य की राजनीति में एक बड़ा टकराव बना दिया।