पंजाब में AAP के तीन विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा BJP में शामिल हुए।
तीनों नेताओं ने AAP छोड़ने के साथ विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी दी है।
AAP की 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पहली उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी की खबरें सामने आई थीं।
Punjab AAP MLAs Join BJP: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के तीन नेताओं- कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने AAP छोड़ दी है। तीनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं के पार्टी छोड़ने के साथ ही पंजाब विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।
अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को AAP छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने पंजाब विधानसभा के स्पीकर को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया। जून 2025 में उन्हें कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में AAP से निलंबित कर दिया गया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अमृतसर के लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने पंजाब को नशे, जबरन वसूली, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार से बाहर निकालकर प्रगतिशील राज्य बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि विधायक के तौर पर उन्होंने अपने 90 फीसदी लक्ष्य हासिल किए हैं। उनके मुताबिक, उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति में 'माई-बाप' संस्कृति को खत्म करना और जनता को अपनी प्रेरणा का स्रोत बनाना रही।
उन्होंने विधानसभा में पानी और सीवरेज की समस्या, सर्किट हाउस, कंपनी बाग, गंदे नालों, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, सरकारी मेडिकल कॉलेज, सरूप रानी कॉलेज और बरगाड़ी बेअदबी मामले जैसे मुद्दे उठाने का भी जिक्र किया। उन्होंने साफ राजनीति और पारदर्शी प्रशासन को अपना उद्देश्य बताते हुए 'पंजाब फर्स्ट' का नारा दिया।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने रविवार को AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना भी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी अपने शुरुआती सिद्धांतों से भटक गई है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह से पहले रविवार को हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने AAP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। दोनों ने सोमवार को दिल्ली में BJP का दामन थाम लिया। कुंवर विजय प्रताप सिंह भी उनके साथ BJP में शामिल हुए। इस तरह पंजाब में AAP के तीन विधायक पार्टी छोड़कर BJP में चले गए।
हरमीत सिंह पठानमाजरा पटियाला जिले की सनौर विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा था। पठानमाजरा पर दुष्कर्म का मामला भी दर्ज है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके फरार होने और बाद में गिरफ्तार किए जाने की खबरें आई थीं। उन्हें बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिली थी।
वहीं, चेतन सिंह जौड़ामाजरा समाना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह भगवंत मान सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, समाना सीट पर पूर्व अकाली दल नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को पार्टी का हलका इंचार्ज बनाए जाने के बाद जौड़ामाजरा और AAP नेतृत्व के बीच मतभेद बढ़े थे।
तीनों नेताओं के पार्टी छोड़ने का घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब AAP ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। पार्टी ने इस सूची में 40 सीटों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा की सीटों पर नए हलका इंचार्ज नियुक्त होने के बाद उनके टिकट कटने का डर था।
AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने इन इस्तीफों पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ऐसे नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है, जिन्हें AAP ने बाहर का रास्ता दिखाया था।
गौरतलब है कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। कांग्रेस 18 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। अब 2027 के चुनाव से पहले तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने से पंजाब में सियासी हलचल तेज हो गई है।