Arvind Kejriwal Amritsar: AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अमृतसर में माता जानकी और लव-कुश के भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की है। अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर को वाल्मिकी समाज के लोगों के लिए भव्य आस्था का केंद्र बताया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उन्होंने अमृतसर में लव, कुश और माता जानकी को समर्पित एक मंदिर बनाने का फैसला किया गया है।
अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर को पवित्र भूमि बताते हुए कहा, "मैं अमृतसर को दुनिया की सबसे पवित्र जगहों में से एक मानता हूं। यहां हर धर्म के लोग और संस्थाएं मौजूद हैं। दरबार साहिब यहीं स्थित है। सभी धर्मों और दुनिया भर से लोग यहां श्रद्धा और प्रार्थना के लिए आते हैं, अपने दुखों से राहत पाते हैं और शांति का अनुभव करते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर को देशभक्तों की भूमि भी बताया। उन्होंने आगे कहा, "यहां दुर्गियाना मंदिर भी है। देशभक्त लोगों के लिए यहां जलियावाला बाग और वाघा बॉर्डर है। भगवान वाल्मिकी ने यहां रामायण लिखी थी, माता सीता यही वाल्मिकी आश्रम रही थी। इसी भूमि पर लव-कुश ने जन्म लिया था और श्री राम का अश्वमेध घोड़ा, जिसे दुनिया में कोई नहीं रोक पाया था। उस घोड़े को यहां पेड़ पर बांधकर रखा था। यह वाल्मिकी समाज के लिए यह आस्था का स्थान है।"
इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने सिख विधायकों को बेअदबी कानून के मामले में 29 जून को अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है, "हमारी सरकार का रुख यह है कि विधायक, कैबिनेट मंत्री और स्पीकर वहां जाएंगे। वे जो भी सुझाव देंगे, हम उन पर विचार करेंगे।"
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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह प्रिंसिपल के तौर पर फैसला लिया गया है। जैसे-जैसे यह आगे बढ़ेगा वे इसकी जानकारी देंगे। अरविंद केजरीवाल ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला जोरो पर है। ऐसे में यह भी सवाल उठता है कि क्या अरविंद केजरीवाल सरकार से किसी तरह की प्रतियोगिता करते हुए अपने मैनेजमेंट का स्तर दिखाना चाह रहे है। या फिर वे वाकई में आस्था की भूमि पर माता जानकी और लव-कुश का भव्य मंदिर बनाकर उन्हें सम्मान देना चाहते है।