स्किन केयर इंग्रेडिएंट्स फोटो.एआई
स्किनकेयर प्रोडक्ट खरीदते समय सिर्फ ग्लो देखकर चुनाव करना सही नहीं है। नियासिनामाइड से लेकर रेटिनोल तक, हर इंग्रीडिएंट का काम अलग होता है। जानिए कौन-सा इंग्रीडिएंट किस काम आता है।नियासिनामाइड यानी विटामिन B3 त्वचा के स्किन बैरियर को सपोर्ट करने और अतिरिक्त ऑयल को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह असमान रंगत और पोर्स को भी कम करता है।विटामिन सी एक एंटीऑक्सिडेंट है, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। डार्क स्पॉट और असमान रंगत को कम करने वाले स्किनकेयर रूटीन में यह बेहतर काम करता है।हायलुरोनिक एसिड त्वचा में नमी बनाए रखता है। अगर चेहरा रूखा, बेजान या खिंचा हुआ महसूस होता है, तो यह हाइड्रेटिंग के लिए अच्छा है। इसे हल्की नम त्वचा पर लगाकर ऊपर से मॉइस्चराइजर लगाएं।सेरामाइड्स त्वचा में नेचुरली पाए जाने वाले लिपिड हैं, जो स्किन बैरियर को मजबूत बनाने में मदद करता हैं। रूखी और संवेदनशील त्वचा के लिए सेरामाइड्स वाला मॉइस्चराइजर नमी बनाए रखने में उपयोगी है।सैलिसिलिक एसिड एक BHA एक्सफोलिएंट है, जो पोर्स के भीतर जमा ऑयल और डेड स्किन को हटाता है। यह ब्लैकहेड्स और मुंहासों वाली त्वचा के लिए फायदेमंद है। शुरुआत कम फ्रीक्वेंसी से करें, क्योंकि इससे रूखापन या जलन हो सकती है।एजेलैक एसिड मुंहासों, दाग-धब्बों व पिगमेंटेशन को कम करने में मदद करता है। यह असमान रंगत वाले स्किनकेयर रूटीन का विकल्प हो सकता है, लेकिन इसका रिजल्ट धीरे-धीरे दिखता हैं। पैच टेस्ट जरूर कर लें।रेटिनोल विटामिन A का एक रूप है, जो त्वचा की सेल को प्रभावित करता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह त्वचा के टेक्सचर और फाइन लाइंस को सुधारने में मदद करता है। इसे धीरे-धीरे शुरू करें और दिन में सनस्क्रीन लगाएं। गर्भावस्था में रेटिनोल से बचें।ग्लिसिरीन एक ह्यूमेक्टेंट है, यानी ऐसा इंग्रीडिएंट जो त्वचा में नमी खींचने और बनाए रखने में मदद करता है। यह मॉइस्चराइजर में अक्सर पाया जाता है और रूखी त्वचा को सॉफ्ट बनाता है।लैक्टिक एसिड एक AHA एक्सफोलिएंट है, जो त्वचा की डेड स्किन को हटाने और टेक्सचर सुधारने में मदद करता है। दूसरी ओर, सनस्क्रीन त्वचा को UV किरणों से बचाने के लिए जरूरी है। एक्सफोलिएंट इस्तेमाल करते समय सनस्क्रीन को रूटीन में जरूर रखें।