राष्ट्रपति भवन मेन्यू फोटो.एआई
हल्के मीठे और खुशबूदार पटोलियो को चावल के आटे, नारियल, गुड़ और इलायची से तैयार किया जाता है। इसे हल्दी के पत्तों में लपेटकर भाप में पकाया जाता है, जिससे इसमें खास सुगंध आती है। कोदो की खीर को कोदो मिलेट, दूध और चीनी या गुड़ से तैयार किया जाता है। इसमें इलायची, केसर और मेवे डालकर स्वाद और खुशबू बढ़ाई जाती है। इसे गर्म या ठंडा दोनों तरह से परोसा जा सकता है। इंदौर का मशहूर पोहा इस खास मेन्यू का हिस्सा है। इसे जीरावन मसाला, सेव, हरा धनिया, प्याज और अनार के दानों से सजाया जाता है, जिससे इसमें मसालेदार, खट्टा-मीठा और कुरकुरा स्वाद आता है। खमंग ककड़ी एक पारंपरिक महाराष्ट्रीयन खीरे की सलाद है। इसमें बारीक कटा खीरा, ताजा नारियल, भुनी मूंगफली, हरी मिर्च और धनिया डाला जाता है। ऊपर से राई का तड़का इसका स्वाद बढ़ाता है। दोदोल अपनी गाढ़ी, चिपचिपी और फज जैसी बनावट के लिए जाना जाता है। इसे नारियल के दूध, गुड़ और चावल के आटे से बनाया जाता है, जिससे इसमें कैरेमल जैसी मिठास आती है। फर्रा छत्तीसगढ़ और बिहार के पारंपरिक डिश में से एक है। इसे चावल के आटे से तैयार किया जाता है और इसमें चना दाल, मसाले और हर्ब्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसे भाप में पकाया जाता है। बफौरी छत्तीसगढ़ का पारंपरिक नाश्ता है। इसे भीगी हुई चना दाल को पीसकर मसालों के साथ तैयार किया जाता है और फिर भाप में पकाया जाता है। इसे चटनी के साथ परोसा जाता है।