प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोर्स- सोशल मीडिया
गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में नरेंद्र मोदी का जन्म हीराबा और दामोदरदास मोदी के परिवार में हुआ था। उनका बचपन वडनगर में ही बीता, जहां से उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक सफर की शुरुआती नींव पड़ी।अहमदाबाद के सालापास रोड स्थित ‘साधना’ कार्यालय में एक महत्वपूर्ण मुलाकात का उल्लेख मिलता है। उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्कालीन सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह, जिन्हें ‘रज्जू भैया’ के नाम से जाना जाता था, प्रचारक नरेंद्र मोदी के साथ ‘साधना’ कार्यालय पहुंचे थे। उस दौर में विष्णु पंड्या ‘साधना’ के संपादक के रूप में कार्यरत थे।1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान युवा नरेंद्र मोदी दिल्ली पहुंचे और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए जन सत्याग्रह में शामिल हुए। बांग्लादेश को मान्यता देने की मांग को लेकर हुए इस आंदोलन में उन्होंने गिरफ्तारी दी और उन्हें कुछ समय के लिए तिहाड़ जेल भेजा गया। इस घटना को उनके शुरुआती राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।यह तस्वीर उस दौर की है जब 1991 में नई दिल्ली के बोट क्लब में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर देशभर से जुटे हिंदू संतों और आध्यात्मिक नेताओं की रैली में नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए।2001 में गुजरात के कच्छ में विनाशकारी भूकंप के बाद, दिवाली के अवसर पर नरेंद्र मोदी ने चोबारी और त्रांबौ गांवों का दौरा किया। उन्होंने भूकंप प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके बीच समय बिताया।2007 में केरल के तिरुवनंतपुरम में गुरु गोलवलकर शताब्दी समारोह के दौरान नरेंद्र मोदी ने हिंदू समाज मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मलयालम अभिनेता और फिल्म निर्माता भरत गोपी भी मौजूद थे।गांधीनगर में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुग्गी बस्ती के बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। यह मुलाकात बच्चों के साथ संवाद और उनकी आकांक्षाओं को समझने से जुड़ी थी।26 मई 2014 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। इसी दिन नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह समारोह करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों और नए नेतृत्व की अपेक्षाओं के बीच आयोजित हुआ। शपथ ग्रहण के साथ नरेंद्र मोदी ने देश की जिम्मेदारी संभाली।