जबलपुर हादसा की तस्वीरें (सोर्स- सोशल मीडिया)
हादसे से पहले का जो फोटो सामने आया है, उसमें लोग तेज हवा के कारण नीचे वाले डेकर में बैठे हुए नजर आ रहे हैं।जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद बचाव कार्य के लिए आगरा से पैरामिलिट्री (अर्धसैनिक बल) की गोताखोर टीम को बुलाया गया था।गोताखोरों की टीम ने बताया कि क्रूज के डूबने के बाद, बचाव दल को अंदर फंसे शवों तक पहुंचने के लिए हथौड़ों का इस्तेमाल करके क्रूज की बॉडी को तोड़ना पड़ा।अचानक आए तेज तूफान के बाद क्रूज पलटने के बाद SDRF, NDRF और सेना के गोताखोरों की टीम ने रात भर तलाशी अभियान चलाया।माँ ने अपनी बेटी को सीने से इस तरह भींच रखा था, जैसे उसे किसी खतरनाक जलप्रवाह से बचाना चाहती हो। मौत के उस भयावह क्षण में भी एक मां ने अपनी पकड़ जरा भी ढीली नहीं की।हादसे के बाद अब तक कुल 9 शव बरामद किए गए हैं। हादसे के वक्त क्रूज में कुल 43 लोगों के होने की बात कही जा रही है।18 घंटे बाद डूबे हुए क्रूज को बाहर निकाल लिया गया है। क्रूज के अंदर से अन्य कोई पर्यटक नहीं मिला है।