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Global Hindi: मॉरीशस, फिजी, गुयाना में हिंदी का डंका; इन देशों में सुनाई देती है अपनी भाषा की गूंज

Hindi Global Presence Countries: भारत से बाहर भी हिंदी की मजबूत मौजूदगी है। मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो समेत कई देशों में हिंदी और उससे जुड़ी भाषाई परंपराएं आज भी जीवंत हैं।

अंकिता पटेल
हिंदी को आमतौर पर भारत की प्रमुख भाषाओं में गिना जाता है, लेकिन इसकी पहुंच देश की सीमाओं से बहुत आगे निकल चुकी है। प्रवासी भारतीयों, फिल्मों, संगीत, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों ने दुनिया के कई देशों में हिंदी को पहचान दिलाई है।
2025 के एथ्नोलॉग-आधारित आंकड़ों में हिंदी के कुल बोलने वालों की संख्या करीब 60.9 करोड़ बताई गई थी। इस संख्या में पहली और दूसरी भाषा के बोलने वाले दोनों शामिल हैं। इसी वजह से हिंदी दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में प्रमुख स्थान रखती है।
भारत का पड़ोसी नेपाल हिंदी के लिए सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्क रहा है। नेपाल की 2021 जनगणना में 2,23,106 लोगों ने हिंदी को अपनी दूसरी भाषा बताया था।
फिजी में हिंदी की कहानी बेहद दिलचस्प है। भारत से गए मजदूरों के साथ वहां हिंदी की अलग शैली विकसित हुई, जिसे आमतौर पर फिजी हिंदी या फिजी बात कहा जाता है। फिजी सरकार के अनुसार हिंदी देश की तीन आधिकारिक भाषाओं में शामिल है।
गुयाना में भारतीय मूल की आबादी का इतिहास भी श्रमिक प्रवास से जुड़ा है। भारत सरकार के अनुसार गुयाना उन देशों में शामिल है जहां अनुबंधित श्रम व्यवस्था के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय पहुंचे थे। इस प्रवास ने वहां भारतीय भाषाओं और संस्कृति की स्थायी छाप छोड़ी।
मॉरीशस में भारतीय मूल की आबादी का इतिहास पुराना है। भारतीय प्रवास के साथ हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाएं भी वहां पहुंचीं। आज हिंदी वहां साहित्य, संगीत, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में दिखाई देती है। सरकारी 2022 जनगणना में 16,730 लोगों ने हिंदी को घर में आम तौर पर बोली जाने वाली भाषा बताया।
अमेरिका में हिंदी का विस्तार मुख्य रूप से भारतीय मूल के समुदाय, विद्यार्थियों और पेशेवरों के साथ जुड़ा है। अमेरिकी जनगणना की भाषा-संबंधी व्यवस्था में हिंदी को दक्षिण एशियाई भाषाओं की अलग श्रेणी के रूप में दर्ज किया जाता है। कुछ हालिया आंकड़ों में अमेरिका में हिंदी बोलने वालों की संख्या करीब 9 लाख तक बताई गई है, हालांकि आंकड़ा स्रोत और गिनती की पद्धति के अनुसार बदलता है।
ब्रिटेन में भारतीय मूल की बड़ी आबादी के कारण हिंदी का इस्तेमाल घरों, सामाजिक आयोजनों, धार्मिक गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में होता है। इंग्लैंड और वेल्स की 2021 जनगणना में हिंदी को अलग भाषा श्रेणी के रूप में दर्ज किया गया है।
दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के लोगों की कई पीढ़ियां रह रही हैं। हिंदी वहां आधिकारिक भाषा नहीं है, लेकिन देश का संविधान हिंदी को उन भाषाओं में गिनता है जिन्हें वहां के समुदाय इस्तेमाल करते हैं और जिनके प्रति सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते और काम करते हैं। भारत सरकार के प्रवासी भारतीयों से जुड़े आंकड़ों में यूएई में 34 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोगों का उल्लेख है। इतना बड़ा भारतीय समुदाय हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं के इस्तेमाल के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

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