बॉलीवुड की फेमस हिंदी फिल्में (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
साल 2007 में बॉक्स ऑफिस पर आई फिल्म नमस्ते लंदन आज भी लोगों के दिलों में रसी बसी है। इस फिल्म में अक्षय कुमार ने एक ऐसे भारतीय का रोल निभाया था, जो अपनी जड़ों और भाषा से गहराई से जुड़ा है। फिल्म के एक खास सीन में वह विदेशी धरती पर हिंदी भाषा का गौरव बनाए रखते नजर आते हैं।
साल 1975 में रिलीज हुई क्लासिक कॉमेडी फिल्म चुपके चुपके में हिंदी भाषा का बेहद खूबसूरत प्रयोग देखने को मिला था। डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी की इस फिल्म में धर्मेंद्र ने डॉक्टर परिमल त्रिपाठी का यादगार किरदार निभाया था। फिल्म में जिस तरह से क्लिष्ट और शुद्ध हिंदी के डायलॉग का प्रयोग किया गया, उसने दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। अमोल पालेकर की साल 1979 की फेमस फिल्म गोलमाल में भाषा की पकड़ को मुख्य विषय बनाया गया था। फिल्म की कहानी एक ऐसे बॉस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो केवल उसी व्यक्ति को काम पर रखता है जिसकी हिंदी मजबूत हो। यह फिल्म बहुत ही सादगी से यह मैसेज दे जाती है कि अपनी भाषा में डायलॉग करना कितना प्रभावी हो सकता है।दिवंगत एक्टर इरफान खान की फिल्म हिंदी मीडियम ने आधुनिक समाज में भाषा को लेकर फैली मानसिकता पर करारा प्रहार किया। हिंदी मीडियम में बच्चों के एडमिशन के लिए माता-पिता की जद्दोजहद के जरिए अंग्रेजी के प्रति समाज के अंधेपन को दिखाया गया।वहीं इंग्लिश विंग्लिश की कहानी एक ऐसी महिला के सफर को दर्शाती है, जो अंग्रेजी न जानने के कारण खुद को कमजोर महसूस करती है। ये दोनों फिल्में यह सीख देती हैं कि किसी भाषा का ज्ञान किसी के व्यक्तित्व का पैमाना नहीं हो सकता।