गणेश चतुर्थी 2026 एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
लालबागचा राजा 2026 का यह 93वां गणेशोत्सव है। मुंबई के लालबाग में विराजमान बप्पा के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। 2026 में गणेशोत्सव 14 सितंबर से 25 सितंबर तक चलेगा और अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन होगा। इस वर्ष पहली झलक 11 सितंबर को सामने आई। लालबागचा राजा को भक्त ‘नवसाचा गणपति’ के रूप में विशेष श्रद्धा से पूजते हैं।
चिंचपोकलीचा चिंतामणी 2026 मुंबई के लालबाग-परल क्षेत्र का प्रसिद्ध गणपति मंडल है। 1920 में स्थापित चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल इस वर्ष अपनी स्थापना का 107वां वर्ष मना रहा है। 2026 में गणेशोत्सव के लिए मंडप की सजावट हैदराबाद के स्वर्ण मंदिर और गणेशमूर्ति की सजावट तिरुपति बालाजी मंदिर की थीम पर की जा रही है। चिंतामणी के आगमन सोहले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मुंबईचा राजा (गणेश गल्ली) 2026 मुंबई के प्रसिद्ध सार्वजनिक गणेश मंडलों में से एक है और इस वर्ष अपने 98वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। लालबाग स्थित गणेश गल्ली के मुंबईचा राजा के लिए 2026 में ‘संतभूमि’ थीम पर भव्य सजावट की गई है। संत तुकाराम महाराज के वैकुंठगमन, संत ज्ञानेश्वर और संत गोरा कुंभार के जीवन प्रसंग देखावे का प्रमुख आकर्षण हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।जीएसबी सेवा मंडल किंग्स सर्कल, माटुंगा का 2026 गणेशोत्सव 14 से 18 सितंबर तक श्री सुक्रितेंद्र नगर, किंग्स सर्कल में आयोजित हो रहा है। यह मंडल 2026 में अपना 72वां गणेशोत्सव मना रहा है। यहां विराजमान महागणपति को मुंबई का ‘गोल्डन गणपति’ भी कहा जाता है। प्रतिमा पर सोने-चांदी के आभूषण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहते हैं। पारंपरिक पूजा, वैदिक मंत्रोच्चार और भजनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।श्री कसबा गणपती पुणे का मानाचा पहला गणपति और शहर का ग्रामदैवत माना जाता है। पुणे के ऐतिहासिक गणेशोत्सव में इसे सर्वोच्च मान प्राप्त है। 2026 में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को विधिवत गणपति की प्रतिष्ठापना की गई। पारंपरिक पूजा-अर्चना, ढोल-ताशा और भक्तों के जयघोष के बीच उत्सव की शुरुआत हुई। विसर्जन मिरवणूक में भी कसबा गणपती को पहला मान प्राप्त होता है।मानाचा दुसरा गणपती श्री तांबडी जोगेश्वरी गणपती, पुणे 2026 पुणे के ऐतिहासिक मानाच्या पांच गणपतियों में दूसरे स्थान पर है। सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत 1893 में हुई थी। 2026 में गणेश चतुर्थी के दिन 14 सितंबर को यहां विधिवत प्राणप्रतिष्ठा की गई। पारंपरिक ढोल-ताशा और मिरवणूक के साथ बप्पा का स्वागत हुआ। विसर्जन मिरवणूक में भी तांबडी जोगेश्वरी को दूसरा मान प्राप्त है। यह मंडल धार्मिक परंपरा, सामाजिक उपक्रमों और शिस्तबद्ध उत्सव के लिए प्रसिद्ध है।श्री सिद्धिविनायक महागणपती, टिटवाळा 2026 ठाणे जिले के टिटवाळा स्थित प्रसिद्ध गणपति मंदिर में विराजमान हैं। भगवान गणेश को यहां सिद्धिविनायक महागणपति के रूप में पूजा जाता है। मंदिर में गणेश चतुर्थी और अंगारकी चतुर्थी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना होती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जा रही है। मंदिर को विशेष रूप से मनोकामना और वैवाहिक सुख की आस्था से भी जोड़ा जाता है।श्री तुलशीबाग गणपती 2026 पुणे के प्रसिद्ध मानाचा चौथा गणपति हैं और गणेशोत्सव की ऐतिहासिक परंपरा में विशेष स्थान रखते हैं। तुलशीबाग मंडल के गणराय की 2026 में 14 सितंबर को विधिवत प्रतिष्ठापना की गई। गणपति की मिरवणूक गणपती मंदिर से शुरू होकर लक्ष्मी रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से उत्सव मंडप तक पहुंची। तुलशीबाग का विशाल गणपति विग्रह भक्तों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।गुरुजी तालीम गणपती 2026 पुणे शहर के मानाचा तिसरा गणपति हैं और ऐतिहासिक गुरुजी तालीम सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की परंपरा से जुड़े हैं। 2026 में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को विधिवत प्रतिष्ठापना की गई। ढोल-ताशा और पारंपरिक मिरवणूक के साथ बप्पा का स्वागत हुआ। पुणे की गणेशोत्सव परंपरा में गुरुजी तालीम गणपती को विशेष मान प्राप्त है और विसर्जन मिरवणूक में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान है।श्री केसरीवाडा गणपती, पुणे 2026 पुणे के प्रसिद्ध मानाचा पांचवां गणपति हैं। 2026 में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को केसरीवाडा गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। सुबह 9 बजे पारंपरिक मिरवणूक निकाली गई, जिसमें ढोल-ताशा और बैंड पथक शामिल हुए। गणपति की प्रतिष्ठापना पारंपरिक विधि-विधान से की गई। पुणे के मानाच्या गणपतियों में केसरीवाडा गणपति का विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है।