भारत की यूरोप जैसी खूबसूरत जगहें 
फोटो

अगर आपको पसंद है यूरोप की वादियां तो एक्सप्लोर करें भारत की ये 5 जगहें, कम बजट में मिलेगा ट्रिप का मजा

अगर आप भी विदेश घूमना चाहते है,बर्फ से ढके पहाड़ और शांत कैफे का मज़ा लेना चाहते है। लेकिन बजट कम है...तो ये खबर आपके लिए है। भारत में भी कुछ ऐसी खूबसूरत जगहें है, जो आपको विदेश जैसा सुंदर नज़ारा, सुंदर वास्तुकला और शांत वातावरण का अनुभव कराएगी। आप इन जगहों पर जाकर कम बजट में अपनी छुट्टियों को मजे से बिता सकते है। साथ ही खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठा सकते है।

यति सिंह
खजियार: हिमाचल प्रदेश का स्विट्जरलैंड कहा जाने वाला खजियार डलहौजी के पास स्थित है। यहां के देवदार के बड़े-बड़े पेड़, हरी-भरी घास के मैदान, शांत वातावरण और झीलें मिलकर यूरोप के गांव किसी गांव जैसा लुक देती है।
औली(उत्तराखंड): औली को भारत का मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। उत्तराखंड में स्थित औली बेहद ही खुबसुरत हिल स्टेशनों में से एक है। जो सर्दी के मौसम में बर्फ से ढका रहता है। यहां बर्फ से ढके पहाड़, ढलान और देवदार के पेड़ आपको स्विट्जरलैंड का अनुभव कराएंगे।
पुडुचेरी: अगर आपको फ्रांस की रंगीन गलियां और समुद्री किनारों का शांत वातावरण पसंद है, तो पुडुचेरी भी आपको जरूर पसंद आएगा। यहां पर आप पिकनिक, ट्रैकिंग, और शांत माहौल का मज़ा उठा सकते है।
शिलांग( मेघालय): मेघालय की राजधानी शिलांग खूबसूरत झीलों, झरनों और हरे-भरे पहाड़ों से घिरा स्थान है। यहां की संस्कृति अपनी अनूठे म्यूजिक नाइट्स और कैफे के लिए जानी जाती है।
कूर्ग (कर्नाटक): कर्नाटक का कूर्ग अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, कॉफी के बागानों और चाय के बागानें के लिए प्रसिद्ध है। कूर्ग को स्कॉटलैंड ऑफ इंडिया कहा जाता है।यहां धुंध से ढके पहाड़ कॉफी के स्टेटस, वॉटरफॉल आपको स्कॉटलैंड जैसा अनुभव कराएंगे।

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, RAF ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, कई हिरासत में

RSS-ISI सीक्रेट मीटिंग! आंबेडकर ने PM मोदी और भागवत से पूछे सवाल, कोलंबो बैठक के 4 मुद्दों के खुलासे की मांग

असम बाढ़ पर CM हिमंता की वित्त मंत्री से अहम मुलाकात, निर्मला सीतारमण ने दिया केंद्र के सहयोग का भरोसा

Japan Delegation Varanasi: 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा काशी, निवेश और संस्कृति को मिलेगी नई उड़ान