काशी की गलियों में छुपे हैं ये रहस्यमयी मंदिर! (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
1. पितामहेश्वर मंदिर: वाराणसी के गुप्त रहस्यों मंदिरों में से एक मंदिर जो भगवान शिव को समर्पित है। माना जाता है कि इस मंदिर कि शिवलिंग जमीन से लगभग 30 से 40 फीट नीचे गुप्त कक्ष में स्थित है। ये मंदिर साल में एक बार महाशिवरात्रि को खोला जाता है। इस मंदिर में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए एक पाइप द्वारा देखा जाता है।2. काशीकरवट मंदिर (रत्नेश्वर महादेव मंदिर): ये मंदिर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर स्थित एक रहस्यमयी मंदिर है। यह पीसा की मीनार की तरह एक तरफ झुका हुआ है। और हर साल जब गंगा में बाढ़ आती है, तो जलमग्न हो जाता है। फिर भी मंदिर को कुछ भी हानि नहीं पहुंचती है।3. काशीराज काली मंदिर: यह मंदिर वाराणसी के कई रहस्यमयी मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को काशी का क्षेत्रपाल या नगर कोतवाल भी कहा जाता है। कहते है, कि इस मंदिर का निर्माण लगभग 200 साल पहले कराया गया था। 4. नेपाली मंदिर: गंगा किनारे बना ये मंदिर अपनी अलग वास्तुकला के लिए मशहूर है। इस मंदिर का निर्माण नेपाल के राजा ने करवाया था। लकड़ी की नक्काशी और बनावट लोगों को काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर की याद दिलाती है।5.मृत्युंजय मंदिर: यह मंदिर सिर्फ भगवान शिव को समर्पित नहीं बल्कि इस मंदिर के पीछे एक पौराणिक कथा भी छुपी हुई है। कहा जाता है कि इस मंदिर के अंदर एक कुंआ है, जिसका जल औषधीय है। जिसे धनवंतरी कूप के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि इस कूप के पानी से सारे रोग दूर हो जाते है।