प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
यवतमाल

यवतमाल में पानी का बिल डकार गए सरकारी दफ्तर! 105 करोड़ की वसूली के लिए विभाग ने कसी कमर, अब कटेगा कनेक्शन

Yavatmal Tax News: यवतमाल में 105 करोड़ के बकाया जलकर की वसूली हेतु विशेष अभियान शुरू नगर पालिका,अस्पताल और पुलिस विभाग सहित कई सरकारी दफ्तरों पर करोड़ों की देनदारी है, भुगतान न करने पर कनेक्शन कटेंगे

रूपम सिंह

Yavatmal Water Tax Recovery News: यवतमाल शहर में जलापूर्ति बिलों की बकाया राशि वसूलने के लिए जलप्रदाय विभाग के कर्मचारी अब ऑन फील्ड उतर चुके हैं। कुल 105 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली के लक्ष्य के साथ विशेष अभियान शुरू किया गया है। हालांकि हैरानी की बात यह है कि बीते एक वर्ष में अब तक केवल 10 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। जीवन प्राधिकरण के अनुसार, सबसे अधिक बकाया नगर पालिका पर है, जिस पर करीब 32 करोड़ रुपये की देनदारी है।

वहीं ग्रामपंचायतों पर 3 करोड़ 38 लाख 26 हजार 990 रुपये बकाया हैं। इसके अलावा विभिन्न शासकीय विभागों पर भी लाखों रुपये का जलकर बकाया है। इनमें निर्माण विभाग पर 57 लाख 53 हजार 210 रुपये, सिंचाई विभाग निवास पर 44 लाख 14 हजार 90 रुपये, जिला परिषद व निवास पर 16 लाख 16 हजार 750 रुपये, डीएसपी कार्यालय पर 38 लाख 63 हजार 380 रुपये बकाया हैं।

इसी प्रकार वन विभाग पर 8 लाख 50 हजार रुपये, जेल विभाग पर 5 लाख 28 हजार रुपये, जिलाधिकारी कार्यालय पर 49 लाख रुपये तथा टेलीफोन कार्यालय पर 13 लाख रुपये की बकाया राशि दर्ज है। सर्जन अस्पताल पर 1 करोड़ 3 लाख 52 हजार 490 रुपये, पॉलिटेक्निक पर 46 लाख रुपये और न्यायालय पर 72 हजार रुपये का जलकर बकाया है।

भुगतान न करने पर कटेगा कनेक्शन

विभाग का कहना है कि केवल शासकीय कार्यालय ही नहीं, बल्कि यवतमाल शहर में जलापूर्ति का लाभ उठाने वाले अन्य उपभोक्ताओं पर भी बड़ी मात्रा में बिल बकाया है। इसी को देखते हुए अब बकायादारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। समय पर भुगतान न करने वालों के जल कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा सकती है। जीवन प्राधिकरण विभाग के अधिकारी गोपाल जीवने के अनुसार, 105 करोड़ रुपये की वसूली। वसूली एक बड़ी चुनौती है, लेकिन चरणबद्ध कार्रवाई के जरिए लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिम्मेदारी के साथ स्वयं आगे आकर बकाया राशि जमा करें

विभाग ने बकायादारों से अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर बकाया राशि जमा करें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान से यह स्पष्ट हो गया है कि यदि समय रहते भुगतान नहीं हुआ तो कई शासकीय और निजी संस्थानों की जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है। अब देखना यह होगा कि ऑन फील्ड शुरू हुआ यह विशेष वसूली अभियान कितना असरदार साबित होता है।

विभाग/संस्थान बकाया राशि (अनुमानित)
यवतमाल नगर पालिका ₹32 करोड़
ग्राम पंचायतें (सामूहिक) ₹3.38 करोड़
सर्जन अस्पताल ₹1.03 करोड़
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ₹57.53 लाख
जिलाधिकारी कार्यालय ₹49 लाख
पॉलिटेक्निक कॉलेज ₹46 लाख
सिंचाई विभाग (निवास) ₹44.14 लाख
डीएसपी (DSP) कार्यालय ₹38.63 लाख
जिला परिषद ₹16.16 लाख

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