Yavatmal Development Work: यवतमाल जिले के रालेगांव विधानसभा क्षेत्र के रालेगांव, कलंब और बाभुलगांव तहसीलों के विभिन्न लंबित विकास कार्यों, नागरिकों की समस्याओं और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर जिलास्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री डॉ. प्रा. अशोक उईके की अध्यक्षता में तथा जिलाधिकारी विकास मीना की प्रमुख उपस्थिति में यह बैठक संपन्न हुई, बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान प्रत्येक विषय पर विस्तार से चर्चा कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई। राजर्षि शाहू महाराज ज्येष्ठ साहित्यिक व कलाकार मानधन सम्मान योजना के अंतर्गत रालेगांव विधानसभा क्षेत्र के कलाकारों की समस्याओं पर चर्चा की गई। पात्र कलाकारों को नियमानुसार न्याय मिले और उन्हें योजना का लाभ दिया जाए, ऐसी मांग इस दौरान रखी गई।रालेगांव स्थित बिरसा मुंडा सभागृह की जगह का मुद्दा तथा रालेगांव, कलंब और बाभुलगांव नगर पंचायत क्षेत्रों में अतिक्रमणधारकों को पट्टे देने का विषय भी बैठक में उठाया गया।
बाभुलगांव तहसील की पंचगांव ग्राम पंचायत से संबंधित विभिन्न शिकायतों का भी समीक्षा बैठक में जायजा लिया गया। मामले की वास्तविक स्थिति की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बैठक में रालेगांव विधानसभा प्रमुख सतीश मानलवार, प्रकाश भुमकाले, कलंब तहसील अध्यक्ष मनोज काले, जिला महामंत्री कैलास बोंदरे, रालेगांव की छाया पिपरे, नितीन परडखे, शुभम मुके, दिनेश वानखडे, अनिकेत पोहकार, आशिष सोलंकी, सुभाष धोटे सहित रालेगांव विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बैठक में रखे गए सभी मुद्दों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मंत्री डॉ. प्रा. अशोक उईके ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम कर लंबित समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी विकासजी मीना ने भी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रत्येक समस्या का उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
क्षेत्र के औद्योगिक विकास को देखते हुए रालेगांव, कलंब और बाभुलगांव में एमआईडीसी स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। तीनों तहसीलों में उपलब्ध सरकारी जमीन का निरीक्षण करने तथा जमीन उपलब्ध नहीं होने पर आवश्यकता अनुसार निजी जमीन प्रस्तावित करने के संबंध में जानकारी ली गई। एमआईडीसी स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इसलिए जमीन उपलब्धता और अन्य आवश्यक पहलुओं की जांच कर आगे की कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।