Yavatmal Road Encroachment: यवतमाल जिले के गांजेगांव से महागांव जाने वाली पगडंडी सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान 2 सितंबर को गांजेगांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
पिछले 12 वर्षों से यह सड़क कभी कागजों पर तो कभी अस्थायी रूप से खुलती रही, लेकिन अधिकारियों के लौटते ही दोबारा अतिक्रमण किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया। इस बार ग्रामीणों ने सड़क को स्थायी रूप से खुला करने की मांग को लेकर आक्रामक रुख अपनाया। आखिरकार पुलिस बंदोबस्त में अतिक्रमण हटाकर सड़क किसानों के लिए खोल दी गई।
पूर्व निर्धारित नोटिस एवं सुनवाई के अनुसार अपर तहसीलदार रोहित शिंदे, नायब तहसीलदार विश्वम्बर राणे, पटवारी अक्षय शिंदे तथा भूमापक जयराम बोडके गांव पहुंचे थे। प्रशासन ने जैसे ही पगडंडी सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, कुछ किसानों ने इसका विरोध किया। कामगारों को मौके से हटाने का प्रयास भी किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
हालांकि अधिकारियों ने कहा कि उनका काम केवल पगडंडी सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराना है, घटना की जानकारी मिलने के बाद उमरखेड के तहसीलदार आर. यू. सुरडकर ने अपर तहसीलदार रोहित शिंदे से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को हर हाल में सड़क उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ सीधे मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
प्रशासन के जवाब से असंतुष्ट ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। ग्रामीणों ने तहसीलदार की गाड़ी रोक दी और स्पष्ट किया कि जब तक सड़क को स्थायी रूप से किसानों के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक गाड़ी आगे नहीं जाने दी जाएगी। इससे मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल बिटरगांव पुलिस को बुलाया गया। उपनिरीक्षक सागर अन्नमवार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।