Vidarbha Flood Rescue Operation: विदर्भ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच यवतमाल जिले में एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गई। दारव्हा तहसील के दहेली गांव के पास अडाण नदी के पुल पर तेज बहाव का अंदाजा नहीं लग पाने से एक अर्टिगा कार बाढ़ के पानी में बह गई। चालक अविनाश नामदेव खंडारे किसी तरह पेड़ का सहारा लेकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन उनकी पत्नी माधवी खंडारे और दो मासूम बेटियां कार समेत तेज धारा में बह गईं।
खबर लिखे जाने तक तीनों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी था। आर्णी तहसील के लोणी गांव निवासी अविनाश खंडारे अपने परिवार के साथ कार से घर लौट रहे थे। दहेली गांव के पास अडाण नदी के पुल पर पहुंचने पर पुल के ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा था।
बहाव का सही अनुमान नहीं लग पाने पर उन्होंने कार आगे बढ़ाई, लेकिन तेज धारा ने वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। कार बहने लगी तो अविनाश किसी तरह बाहर निकलकर पास के एक पेड़ पर चढ़ गए और वहीं फंसे रहे। बाद में बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बेटियां कार सहित बह गईं। उनकी तलाश जारी है।
उधर, विदर्भ में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। यवतमाल, गड़चिरोली, चंद्रपुर, गोंदिया, नागपुर और अमरावती संभाग के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियां उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय कर दिया है।
आईएमडी ने विदर्भ के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलमग्न पुलों को पार करने से बचने तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
गड़चिरोली में बाढ़ के कारण मुख्य क्षेत्र से कटे भामरागढ़ क्षेत्र के लाहेरी गांव से एक गंभीर मरीज को पुलिस ने हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया, समय पर किए गए इस साहसिक रेस्क्यू अभियान से मरीज की जान बच गई। श्यामसुंदर नरोटी को साप ने काट लिया था। उनके शरीर में जहर फैल जाने से हालत गंभीर हो गई थी।
यह भी पढ़ें:-1 अगस्त का इतिहास : असहयोग आंदोलन: छात्रों, वकीलों और श्रमिकों ने मिलकर दी अंग्रेजों को चुनौती
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण सभी सड़क मार्ग बंद होने से उन्हें अस्पताल ले जाना संभव नहीं था। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और गडचिरोली पुलिस ने तत्काल समन्वय स्थापित कर हेलिकॉप्टर को भामरागढ़ के लिए स्वाना किया। हेलिकॉप्टर की सहायता से नरोटी को सुरक्षित बाहर निकालकर गडचिरोली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। समय पर उपचार मिलने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।