यवतमाल किसान मुआवजा (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

यवतमाल के 41 हजार किसानों को 31.58 करोड़ की मदद मंजूर, सीधे बैंक खातों में आएगी राशि

Maharashtra Flood Relief 2026: यवतमाल जिले में जून से अगस्त 2026 के दौरान अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित करीब 41,620 किसानों के लिए राज्य सरकार ने 31.58 करोड़ रुपए की सहायता मंजूर की है।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित यवतमाल जिले के किसानों के लिए राज्य सरकार ने 31 करोड़ 58 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की है।

  • जून से अगस्त 2026 के दौरान प्राकृतिक आपदा से प्रभावित करीब 41 हजार 620 किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

  • फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 30 करोड़ 2 लाख रुपए और कृषि भूमि के नुकसान के लिए 1.56 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

Yavatmal Farmer Compensation: यवतमाल जिले में जून से अगस्त 2026 के दौरान अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुए किसानों के लिए राज्य सरकार ने 31.58 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर की है। इसमें फसल नुकसान के लिए 30.02 करोड़ रुपए, जबकि कृषि भूमि के नुकसान के लिए 1.56 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। सहायता एवं पुनर्वास विभाग ने 2 नवंबर को शासनादेश जारी कर इस निधि के वितरण को मंजूरी प्रदान की है। इस निधि से जिले के लगभग 41 हजार 620 प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी।

प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिले के पालकमंत्री तथा मृद एवं जलसंधारण मंत्री संजय राठोड ने शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए थे। उनके प्रयासों को सफलता मिली है।

लगभग 201 करोड़ रुपए की निधि मंजूर

राज्य आपदा प्रतिसाद निधि के निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को अधिकतम सहायता प्रदान की जाएगी। अतिवृष्टि के कारण फसलों और कृषि भूमि को हुए नुकसान के लिए अमरावती विभाग के 2 लाख 15 हजार 495 प्रभावित किसानों हेतु लगभग 201 करोड़ रुपए की निधि मंजूर की गई है। इसमें अमरावती, अकोला, यवतमाल और बुलढाणा जिलों का समावेश है। इस निधि का लाभ इन जिलों के पात्र किसानों को मिलेगा।

बैंकों को भी दिए जाएंगे निर्देश

मंजूर निधि खर्च करते समय शासन के सभी संबंधित निर्णयों और निर्धारित मानदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा। यह राशि केवल उसी उद्देश्य के लिए खर्च की जाएगी, जिसके लिए इसे मंजूरी दी गई है। सहायता वितरित करने से पहले प्राकृतिक आपदा के लिए निर्धारित सभी शर्तों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

लाभार्थियों को सहायता वितरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी सूची और सहायता राशि का विवरण जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदा के तहत किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि को बैंक किसी भी स्थिति में किसानों के कर्ज खाते या अन्य खातों में कर्ज वसूली के लिए हस्तांतरित नहीं कर सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी को सभी बैंकों को आवश्यक निर्देश जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

सीधे बैंक खातों में जमा होगी सहायता राशि

शासनादेश के अनुसार, फसल नुकसान की सहायता राशि सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से पात्र किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। कृषि भूमि के नुकसान के लिए केवल अल्प एवं अत्यल्प भूधारक किसानों को निर्धारित दरों के अनुसार अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा तक सहायता दी जाएगी।

इसके लिए पात्रता की जांच अनिवार्य होगी। साथ ही, चालू मौसम में इससे पहले फसल नुकसान के लिए वितरित की गई सहायता राशि को इस प्रस्ताव में दोबारा शामिल नहीं किया जाएगा, एक मौसम में एक बार ही निर्धारित दरों के अनुसार सहायता दिए जाने की पुष्टि की जाएगी। किसी भी लाभार्थी को दोहरा लाभ न मिले, इसकी जिम्मेदारी तहसीलदार और जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपी गई है।

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