समीक्षा बैठक में विधायक किशनराव वानखेड़े (फोटो नवभारत)
यवतमाल

यवतमाल: पेपर में नही, जमीन पर दिखे काम; बनेगा सड़क से खेतों तक का रास्ता, MLA ने दिया 2 हफ्ते का समय

Yavatmal Farm Roads Work: उमरखेड़ में खेत-पगडंडी सड़कों की समीक्षा बैठक में विधायक किशनराव वानखेड़े ने मंजूर कार्य 2 सप्ताह में शुरू करने और गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश दिए।

आलोक उमाकृष्ण

Yavatmal Farm Roads Work Target: यवतमाल जले में उमरखेड़ क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री बलीराजा खेत-पगडंडी सडक योजना के मंजूर कार्यों में अब तेजी आने की संभावना है।

इस योजना के अंतर्गत मंजूर किए गए विभिन्न खेत-पगडंडी सडक के कार्यों की समीक्षा के लिए उपविभागीय अधिकारी कार्यालय, उमरखेड़ में विधायक किशनराव वानखेड़े की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

किसानों के खेतों तक पहुंचेगा विकास का रास्ता

मंजूरी केवल कागजों पर नहीं चाहिए, काम प्रत्यक्ष खेतों में दिखाई देना चाहिए। ऐसे सख्त शब्दों में विधायक किशनराव वानखेड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन के दौरान विभिन्न विभागों में समन्वय का अभाव नहीं होना चाहिए।

आवश्यक अनुमतियां और प्रशासनिक प्रक्रियाएं तत्काल पूरी की जाएं तथा काम की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंजूर किए गए कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया में अटके नहीं रहने चाहिए। खेत-पगडंडी सडक के निर्माण से किसानों को सीधे लाभ मिलेगा, इसलिए इन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करना आवश्यक है।

काम अटका तो जिम्मेदारी तय होगी

बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग, जिला परिषद निर्माण विभाग, भूमि अभिलेख विभाग, वन विभाग और सामाजिक वनीकरण विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने पर विस्तार से चर्चा की गई। उमरखेड़-महागांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

रास्तों का काम समय पर शुरू कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन को युद्धस्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए। किसानों के खेतों तक विकास का मार्ग पहुंचाने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी, ऐसा विश्वास विधायक किशनराव वानखेड़े ने व्यक्त किया।

2 सप्ताह में कार्य शुरू करने के आदेश

खेत-पाणंद रास्ते किसानों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बारिश के मौसम में खेतों तक पहुंचने, कृषि उपज बाजार तक ले जाने, ट्रैक्टर और अन्य कृषि वाहनों को खेतों तक पहुंचाने के लिए अच्छे रास्तों की आवश्यकता होती है। किसानों की समस्याएं कम करने और खेती को अधिक मजबूत बनाने के लिए इन रास्तों के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करना जरूरी है, ऐसा विधायक वानखेड़े ने बैठक में कहा।

किसानों को इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलने के लिए अगले दो सप्ताह में मंजूर खेत-पाणंद रास्तों के कार्यों की शुरुआत होनी ही चाहिए, ऐसे स्पष्ट और ठोस निर्देश उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिए। इस बैठक में उपविभागीय अधिकारी सखाराम मुले, उमरखेड़ तहसीलदार राजेश सुरडकर, महागांव तहसीलदार अभय मस्के, समिति सदस्य अजय माहेश्वरी, भोजुसिंग चव्हाण, विलासराव कवाने, सुनील सदावर्ते सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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