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दूधना-वाकी की श्मशान भूमि की ओर मंगलवार रात तीन से चार वाहनों की आवाजाही देखे जाने की जानकारी सामने आई।
ग्रामीणों के अनुसार, पांच लोग पूजा सामग्री लेकर श्मशान भूमि में आए थे।
ग्रामीणों के घटनास्थल की ओर पहुंचने की भनक लगते ही सभी लोग वहां से भाग निकले।
Dudhna Waki Cremation Ground: यवतमाल जिले के दुधाना (वाकी) की श्मशान भूमि में दो महिलाओं सहित पांच लोग अघोरी पूजा करने के लिए आने का संदेह होने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर अघोरी पूजा का मनसूबा उधेड दिया। हालांकि ग्रामीणों के घटनास्थल पर पहुंचने की भनक लगते ही पांच लोग मौके पर से भाग निकले थे।
दूधना (वाकी) के श्मशान भूमि की ओर मंगलवार की रात दो बजे के करीब तीन से चार वाहन आना जाना कर रहे थे। इस बात की भनक ग्रामीणों को मिली। जिससे ग्रामीणों का संदेह बढ़ गया। ग्रामीणों ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। श्मशान भूमि में दो महिलाओं सहित पांच लोग पूजा सामग्री लेकर पूजा करने के लिए आए थे।
उस समय घटनास्थल पर पूजा के लिए हल्दी, कुमकुम, गुलाल, काला धागा आदि सामग्री सफेद मुर्गा दिखाई दिया। इस तरह की जानकारी वडगाव पुलिस को दी गई। श्मशान भूमि में पूजा सामग्री और सफेद मुर्गा लाने का उद्देश्य क्या था, इस बाबत गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
केलझर कोमटी, करेगांव यावली शिवार में भी पूजा वडगांव जंगल थाना परिसर में अघोरी पूजा करने की तीसरी घटना मंगलवार रात में सामने आयी। इससे पूर्व आर्णी तहसील के केलझर कोमटी के जंगल मार्ग पर काली गुडियां, सुई बंधी अवस्था में पायी गई थीं।
कारेगांव यावली परिसर में भी पुलिस को गश्त के दौरान अघोरी पूजा करनेवाले दिखाई दिए थे। दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। अब दुधाना वाकी परिसर में भी अघोरी पूजा का मामला सामने आया है।