यवतमाल नगर परिषद (सौ. सोशल मीडिया ) 
यवतमाल

Yavatmal में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे! नगराध्यक्ष पदों पर महिलाओं का दबदबा तय

काफी लंबे अंतराल के बाद अब नगर परिषद चुनावों का आयोजन होने जा रहा हैं। जिसके चलते कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं की खुशी का ठिकाना नहीं है, लेकिन Yavatmal जिले के नगराध्यक्ष पर महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।

अपूर्वा नायक

Yavatmal News In Hindi: लंबे समय के विलंब के बाद अब नगर परिषदों के चुनाव होने जा रहे हैं। इस वजह से कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है, लेकिन सोमवार को नगराध्यक्ष पद के आरक्षण की घोषणा ने उन्हें नया झटका दिया है।

इसमें किसी को खुशी, किसी को आश्चर्य और किसी को निराशा हुई है। वास्तव में सोमवार को जारी आरक्षण के अनुसार जिले के अधिकांश स्थानों के नगराध्यक्ष पद अब महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इससे जिले की राजनीति में महिलाओं का राज गतिशील होने वाला है। जिले की नगर परिषदों के चुनाव लगभग ढाई साल से रुके हुए थे।

इस वजह से पूर्व नगरसेवक और पूर्व नगराध्यक्षों में असंतोष का माहौल था। आम नागरिकों की शिकायत सुनने वाला कोई प्रतिनिधि नहीं होने से लोग भी परेशान थे। मुख्याधिकारी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन कई नगर परिषदों में नागरिक और प्रशासन के बीच खुलकर विवाद हो रहे थे। ऐसे में सभी लोग चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे थे। आखिरकार अब चुनाव आयोग ने नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव कराने का निर्देश दिया है।

इसके अनुसार, सोमवार (6 अक्टूबर) को मुंबई में नगर विकास विभाग ने राज्य की 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों के नगराध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित किया। यवतमाल जिले में नगराध्यक्ष पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होंगे, इस पर पूरे जिले की नजरें थीं। यवतमाल, दिग्रस और वणी जैसी जगहों पर घोषित आरक्षण ने कई इच्छुक उम्मीदवारों को निराश किया है। वहीं, कई जगहों पर सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण घोषित होने से इच्छुक उम्मीदवारों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

यवतमाल में पहली बार ST को मौका

यवतमाल नगर परिषद की स्थापना से आज तक अनुसूचित जनजाति वर्ग को नगराध्यक्ष पद नहीं मिला था। इस वजह से ट्राइबल फोरम ने पिछले कुछ वर्षों से इस पद के लिए जोरदार प्रयास किए। अब इस बार यवतमाल का नगराध्यक्ष पद पहली बार अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। पूर्व विधायक डॉ। संदीप धुर्वे ने दो साल पहले विधानसभा के बजट सत्र में इस विषय पर प्रश्न उठाया था। इसके बाद शासन ने जानकारी जुटाकर कार्रवाई शुरू की थी।

किनवट में ओपन प्रवर्ग महिला का आरक्षण घोषित

किनवट (सं) किनवट नगर परिषद नगराध्यक्ष पद ओपन प्रवर्ग महिला घोषित किया गया। वही। अब आरक्षण प्रभागवार पर सभी की निगाहें हैं। इच्छुको में विशेष उत्साह है। इसके चलते राजनीतिक गलियारों में चुनाव हलचलें तेज हो गई हैं। किनवट नगरपरिषद का नगराध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता द्वारा पांच वर्षो के लिए चयन होगा। इसलिए इसका विशेष महत्त्व है किनवट मे पहिली बार महिला नगराध्यक्ष पद के लिए सीधे जनता से चुनी जाएगी। नगराध्यक्ष पद के लिए आरक्षण ड्रॉ मुंबई मंत्रालय मे सोमवार को घोषणा होते ही राजनीतिक दल ने उमीदवार के लिए जोर आजमाईश करेगा। किनवट नगरपरिषद के आम चुनाव को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। नगरपरिषद मे लगभग 4वर्षो से प्रशासक राज का कामकाज संभाल रहे थे। इसी वजह से स्थानीय नेताओं का बेसब्री से चुनाव का इंतजार था।

नेपाल के लिए भारत सरकार और विपक्ष एक, मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी-शाह को लिखा पत्र, हर संभव मदद देने की अपील

National Sports Day पर मेजर ध्यानचंद को नमन, PM मोदी वीडियो शेयर कर बोले- उनकी प्रतिभा पीढ़ियों को...

Explainer: क्या इस बार पास होगा EOS-5 मिशन? दो बार फेल हो चुका ISRO, भारत के लिए क्यों है इतना खास

लगातार मिल रही लाशों से मुर्दाघर हुए फुल, 250 शवों के लिए बनाया अस्थायी केंद्र, बहते शवों से गहने लूट रहे लोग

मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी, जानें पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा क्यों है अहम