मारेगाव. मारेगांव नगरपंचायत के नतीजे हाल ही में सामने आए. लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. इसीलिए कौनसा समीकरण सत्ता स्थापना के लिए जुडेगा इस ओर फिलहाल तहसीलवासियों की नजरें गढी हुई है.
मारेगांव नगरपंचायत के नतीजों में कांग्रेस पार्टी ने पांच सीटे जीती है और कांग्रेस ही बडी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आयी है. वहीं शिवसेना और भाजपा ने चार चार सीटें जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया है. जबकि मनसे को दो, राकांपा को एक और निर्दलीय एक का बलाबल नगरपंचायत में देखने को मिल रहा है.
राज्य की राजनीति के बारे में सोचा जाए तो मारेगांव में महाविकास आघाडी का फार्मुला सत्ता पर सटीक बैठ सकता है. हालांकि इसके लिए दोनों पार्टीयों को एकसाथ आना जरूरी है. सत्ता की चाबी किसके पास जाएगी यह फिलहाल बताया नहीं जा सकता.
स्थानीय नगरपंचायत में सत्ता काबिज करने को लेकर राजनीतिक दलों में जमकर माथापच्ची देखने को मिल रही है. सभी दल एक दूसरे के संपर्क में आकर अपनी अपनी सत्ता बिठाने के लिए जी तोड मेहनत करने के साथ ही कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने का काम कर रहे है. इस स्थिति में भाजपा के एक कार्यकर्ता ने नगरपंचायत क्षेत्र में एक खबर से बम फोडने का काम किया है. नाम नहीं छापने की शर्त पर भाजपा कार्यकर्ता ने बताया के यदि पुराना समीकरण जुडकर आता है तो सेना भाजपा सत्ता स्थापित कर सकती है. जिससे अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का माहौल गरमाने लगा है.
वहीं कांग्रेस भी अलग से कोई समीकरण जुडता है क्या इसकी पडताल करेगी. क्यूंकि कांग्रेस पांच, मनसे दो, राकांपा एक और निर्दलीय का भी समीकरण जुड सकता है क्या इसे लेकर भी गणित लगाया जा रहा है. हाल ही में नगराध्यक्ष पद के आरक्षण घोषित किया जा चुका है. खुला प्रवर्ग के लिए आरक्षण निकलने से अनेक विजयी उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं. हालांकि स्थिति कैसी रहेगी इस पर सबकछ निर्भर है.